के पी मलिक

नई दिल्ली। गुजरात में भाजपा की नई और छठवीं बार सरकार की गठन के बाद भाजपा हाईकमान की मुश्किलें बढ़ने वाली है। ऐसी ख़बर आ रही है कि आने वाले दिनों में भाजपा की सरकार को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। मामला विशेषकर नई सरकार में दोबारा नंबर-दो बने नीतिन पटेल के जिस तरह पत्ता काटने की कोशिश की गई उससे उनकी नाराजगी सतह पर आ गई है। उन्होंने खुल कर भाजपा हाईकमान को चेतावनी दी है कि मेरे पुराने विभाग मुझे वापस दिए जाएं नहीं तो मेरा इस्तीफा लेने के लिए पार्टी तैयार रहे।

दूसरी ओर अन्य एक नाराज नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल के साथ भाजपा के बडौदा के विधायक योगेश पटेल ने मुलाकात की। दूसरी और पाटीदार नेता हार्दिक पटेल द्वारा आयोजित चिंतन शिबिर में भाजपा के असंतुष्ट पाटीदार नेताओं ने अपने समर्थक जोडकर यह मेसेज देने का प्रयास किया कि वे हार्दिक के साथ हैं। उसी के साथ भाजपा में ही 15 से 20 असंतुष्ट और पाटीदार विधायक एकजुट होने की खबर से खलबली मच गई है। सूत्रों की माने तो पाटीदार समाज के बडे नेता नीतिन पटेल की उपेक्षा भाजपा हाईकमान्ड को कोई बडा झटका दे सकती है। नीतिन पटेल के समर्थकों का कहना है कि गुजरात भाजपा में हार्दिक पटेल के आंदोलन से ऐसी विकट स्थिति पैदा हो गई थी कि कोई हार्दिक का मुकाबला करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था सिर्फ नीतिन पटेल ने हार्दिक का कड़ा मुकाबला किया।

नीतिन ने यह कर दिखाया और हार्दिक की ताकात तो तोड़ दिया मगर उसके बदले में नीतिन पटेल को क्या मिला? उनसे महत्त्वपूर्ण विभाग छीन लिए गये और हालात यहां तक पहुंचे कि नीतिन को यह कहना पड़ा कि मेरे पुराने विभाग मुझे दिये जाय नहीं तो मैं इस्तीफा दे दूंगा। भाजपा के पिछले 22 साल के इतिहास में यह पहली बार हुआ कि शपथग्रहण के तीन दिन बाद विभागों का आवंटन किया गया और उसमें भी असंतोष सतह पर आ गया। सूत्रों ने बताया पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन के समर्थक विधायक भूपेन्द्र पटेल कि गुजरात मं सबसे ज्यादा वोट से जीते फिर भी मंत्रिपरिषद में उनको स्थान न मिलने से आनंदीबेन भी ज्यादा नाराज है। बडौदा के विधायको में पाटीदार विधायक योगेश पटेलने आनंदीबेन से मुलाकात की।

बडौदा से जीते सभी विधायक नाराज होने की खबर है। मध्य गुजरात के भाजपा के एक विधायक तो चुनाव से पहले कांग्रेस से भाजपा में आये थे उन्होंने पाटीदार विधायको के साथ हाथ मिलाया है। करीब 20 विधायक नाराज बताये जा रहें है। यदि यह 20 विधायक पक्ष बदलते है तो भाजपा की सरकार अल्पमत में आ सकती है। सौराष्ट्र के बोटाद में हार्दिक पटेल की चिंतन शिबिर शुरु हो रही है। हार्दिक आनंदीबेन कों बुआ (गुजराती में फोई) कहकर संबोधित करते है। नीतिन पटेल को चाचा माने तो हार्दिक उनका भजीता बुआ और चाचा पे तीनों की तिकडी भाजपा को भारी पड सकती है।
सूत्रों की मानें तो इस खबर से कांग्रेस में हलचल शुरू हो गई हैं। गुजरात कांग्रेस के नेता 12 तुगलक लेन से सम्पर्क में है। अब देख होगा ऊँट किस करवट बैठता है।