के पी मलिक

नई दिल्ली: चारा घोटाला मामले में दोषी बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) प्रमुख लालू प्रसाद यादव को रांची की सीबीआई अदालत ने साढ़े तीन साल जेल और पांच लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। वह फिलहाल रांची के बिरसा मुंडा जेल में बंद हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री लालू को अन्य 15 दोषियों के साथ हजारीबाग स्थित ओपन जेल शिफ्ट किया जाएगा। जहां वह माली का काम करेंगे। इसके एवज में जेल प्रशासन उन्हें रोजना 93 रुपये मेहनताना देगा।
घोटाला मामले में लालू को दोषी ठहराए जाने बाद इसे भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की साजिश बता चुकी राष्ट्रीय जनता दल अब रांची की सीबीआई अदालत के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी। लालू यादव के बड़े बेटे और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव ने कहा, ‘हमलोग अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं। जमानत के लिए हाईकोर्ट में अपील करेंगे। हमें न्यायपालिका पर पूरा यकीन है।’ उन्होंने कहा, ‘जिस तरह जेपी आंदोलन के दौरान लालू जेल गए, ठीक उसी तरह अब बिहार में एलपी (लालू प्रसाद) आंदोलन शुरू होगा। राजद का संघर्ष जारी रहेगा। हम डरनेवाले नहीं हैं।’
लालू ने अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद कहा कि बीजेपी की राह में चलने के बजाए मरना पसंद करूंगा। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद के ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया, ‘बीजेपी की राह में चलने के बजाए मैं सामाजिक न्याय, सद्भाव और समानता के लिए खुशी से मरना पसंद करूंगा।’ बिहार के उपमुख्यमंत्री और चारा घोटाला मामले में याचिकाकर्ताओं में से एक सुशील कुमार मोदी ने सीबीआई कोर्ट के फैसले पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा, ‘सजा सजा होती है, चाहे वह साढ़े तीन साल की हो या सात साल की। इस मामले में मैंने, शिवानंद तिवारी और ललन सिंह ने जो पुख्ता प्रमाण के साथ आरोप लगाए थे, आज अदालत ने सजा सुनाकर उस पर मुहर लगा दी है।’ बीजेपी से दोस्ती कर आरजेडी को सत्ता से बेदखल करने वाली पार्टी जद (यू) के वरिष्ठ महासचिव केसी त्यागी ने कहा कि यह फैसला राजनीति में भ्रष्टाचारियों के लिए एक सबक है। उन्होंने कहा, ‘हम इस फैसले का स्वागत करते हैं। यह बिहार की राजनीति में ऐतिहासिक फैसला साबित होगा। यह एक अध्याय का अंत है।’