नई दिल्ली। भारत की अपूर्वी चंदेला ने शनिवार को यहां आईएसएसएफ विश्व कप में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में विश्व रिकार्ड के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारतीय निशानेबाज ने डा कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में आईएसएसएफ प्रतियोगिता के पहले दिन 252.9 अंक के शानदार स्कोर से पहला स्थान हासिल किया। उन्होंने लगातार बेहतर स्कोर से दमदार प्रदर्शन किया और किसी भी समय अपना स्कोर 10 से नीचे नहीं होने दिया।

चीन की रूओझू झाओ ने 251.8 के स्कोर से रजत पदक जबकि चीन की एक अन्य निशानेबाज जु होंग (230.4) ने टूर्नामेंट के पहले फाइनल का कांसा जीता। पिछला विश्व रिकार्ड झाओ के नाम था जो 252.4 अंक था और यह उन्होंने पिछले साल अप्रैल में कोरिया के चांगवान में विश्व कप में बनाया था। अपूर्वी आठ महिलाओं के फाइनल में रजत पदकधारी निशानेबाज से 1.1 अंक आगे रहीं, जिससे उनके दबदबे का अंदाजा लगाया जा सकता है।

पिछली विश्व विश्व चैम्पियनशिप में तोक्यो ओलंपिक कोटा हासिल करने वाली अपूर्वी क्वालीफिकेशन में 629.3 अंक से चौथे स्थान पर थीं। दो अन्य भारतीय भी इस स्पर्धा में थीं। अजुंम मौदगिल (628) और इलावेनिल वालारिवान (625.3) क्रमश: 12वें और 30वें स्थान पर रहीं। झाओ क्वालीफिकेशन में 634 अंक के विश्व रिकार्ड स्कोर से शीर्ष पर रही थीं। अपूर्वी की मां बिंदु भी रेंज में मौजूद थीं और इस निशानेबाज के अनुसार दर्शकों से मिले उत्सावर्धन ने उन्हें जीत हासिल करने में मदद की जो 11वें शाट में 10.6 से दूसरे स्थान पर चल रही थी। उनके स्कोर की शानदार सीरीज जारी रही और उन्होंने दूसरा स्थान कायम रखा। आखिर में अंतिम 24वें शाट में उन्होंने 10.5 अंक बनाया और झाओ ने भी यही शाट लगाया लेकिन तब तक दोनों निशानेबाजों के बीच अंक का अंतर काफी हो गया था। और यह भारतीय स्वर्ण पर कब्जा करने में कामयाब रहीं।

अपूर्वी ने कहा, ‘‘थोड़ा कठिन रहा लेकिन मैंने हार नहीं मानी। मैं खुश हूं कि आज नतीजा मेरे हक में रहा लेकिन अब भी काफी काम करना बाकी है। आगे काफी अहम टूर्नामेंट हैं इसलिये प्रदर्शन को और बेहतर करना चाहूंगी। ’’ यह अपूर्वी का विश्व कप में तीसरा व्यक्तिगत पदक है। उन्होंने 2015 में चांगवान विश्व कप में कांस्य और इसी साल आईएसएसएफ विश्व कप फाइनल्स में रजत पदक अपने नाम किया था। वर्ष 2014 में राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के बाद उन्हें गोल्ड कोस्ट के पिछले चरण में कांसे से संतोष करना पड़ा था। 2018 एशियाई खेलों में उन्होंने रवि कुमार के साथ मिलकर तीसरा स्थान हासिल किया था।

भारत ने इस स्पर्धा में 2020 तोक्यो ओलंपिक के लिये अधिकतम दो ओलंपिक कोटे हासिल कर लिये हैं लेकिन अपूर्वी के लिये प्रोत्साहन में कोई कमी नहीं दिखी, पूरे हॉल में उनके लिये सभी चीयर कर रहे थे। मेहुली घोष भारतीय टीम का हिस्सा नहीं हैं, वह एमक्यूएस (न्यूनतम क्वालीफिकेशन स्कोर) वर्ग में निशानेबाजी कर रही थीं। उन्होंने 631 का स्कोर बनाया जो इस स्पर्धा में किसी भी निशानेबाज का सबसे बड़ा स्कोर है।