नई दिल्ली। प्रियंका गांधी वाड्रा को कांग्रेस महासचिव बनाने और पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाने की घोषणा के एक हफ्ते से ज्यादा हो गए हैं। घोषणा के समय वे अमेरिका में थी। तब कांग्रेस सूत्रों ने खबर दी थी कि वे एक फरवरी को लौटेंगी और चार फरवरी को औपचारिक रूप से कामकाज संभालेंगी। बताया गया था कि राहुल और प्रियंका दोनों चार फरवरी को प्रयागराज में कुंभ स्नान करेंगे और उसके बाद लखनऊ जाकर साझा प्रेस कांफ्रेंस करेंगे। पर अचानक इसकी खबरें आनी बंद हो गईं और चार फरवरी बीत भी गई। प्रियंका औपचारिक रूप से कामकाज संभालने के लिए उत्तर प्रदेश नहीं गई हैं। राज्य में पार्टी के नेता और कार्यकर्ता उनका इंतजार कर रहे हैं।

सवाल है कि घोषणा के बावजूद प्रियंका कामकाज क्यों नहीं संभाल रही हैं और चार फरवरी को कुंभ स्नान के लिए दोनों क्यों नहीं गए। कांग्रेस की ओर से अनौपचारिक रूप से बताया जा रहा है कि पार्टी ने सांसदों के लिए व्हिप जारी किया था और लोकसभा में मौजूद रहने को कहा था। राहुल गांधी को भी सदन में मौजूद रहना था क्योंकि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा शुरू होनी थी। पार्टी के मुख्य सचेतक ज्योतिरादित्य सिंधिया को पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है, वे भी सदन छोड़ कर जाने की स्थिति में नहीं थे।

यह भी कहा जा रहा है कि चार फरवरी को करोड़ों की संख्या में लोग कुंभ स्नान के लिए पहुंचने वाले थे इसलिए सुरक्षा मंजूरी नहीं मिली। तो कुछ जानकार नेता यह भी बता रहे हैं कि तैयारियों के लिए प्रियंका कुछ और समय लेना चाहती हैं।