नई दिल्ली। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जम्मू-कश्मीर के आर्थिक विकास में अनुच्छेद 35 ए को सबसे बड़ा सांविधानिक बाधक बताया है। उन्होंने कहा कि 35ए के चलते लोग राज्य में निवेश नहीं कर पाते। उन्होंने अपने ब्लॉग में लिखा कि सरकार पूरे देश में एक ही कानून को लागू करेगी।अपने ब्लॉग में केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि पिछले सात दशकों में जम्मू-कश्मीर की स्थिति कई सवाल खड़े करती है। क्या नेहरू की नीति इतिहास की सबसे बड़ी भूल थी या उनका सही कदम था जिसका बाद में अनुसरण किया गया। ज्यादातर भारतीयों का मानना है नेहरू 35ए पर नेहरू की नीति ठीक नहीं थी। जेटली ने सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या कश्मीर को लेकर हमारी नीति उसी दोषपूर्ण नजरिए से संचालित होनी चाहिए या वास्तविक यथास्थिति अनुरूप हो।

अरुण जेटली ने कहा कि साल 1954 में अनुच्छेद 35ए को संविधान में चुपके से जोड़ा गया। अनुच्छेद 35ए न तो संविधान में था और नही इसे संविधान संशोधन अनच्छेद 368 के तहत लाया गया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यह राज्य के स्थायी निवासियों और देश के अन्य हिस्सों में रह रहे लोगों के बीच भेदभाव पैदा करता है। लाखों की संख्या में जम्मू-कश्मीर में रह रहे भारतीय लोकसभा चुनाव में तो वोट डाल सकते हैं लेकिन विधानसभा, नगरपालिका और पंचायत चुनाव में नहीं। उनके बच्चों को वहां सरकारी नौकरी नहीं मिल सकती।

वह राज्य में संपत्ति नहीं खरीद सकते और उनके बच्चों को सरकारी संस्थानों में दाखिला नहीं मिल सकता। इसी तरह राज्य से बाहर रहने वाले भी लोगों पर भी यह सभी लागू होते हैं। राज्य से बाहर शादी करने वाली लड़की के सभी अधिकार खत्म हो जाते हैं। राज्य के पास पर्याप्त मात्रा में वित्तीय संसाधन नहीं और वित्तीय प्रबंधन आकर्षित करने में 35ए बहुत बड़ी बाधा है। कोई भी निवेशक यहां होटल, निजी शैक्षणिक संस्थान या निजी अस्पताल नहीं खोलना चाहता। क्योंकि वह यहां न तो जमीन और न ही संपत्ति खरीद सकता है और न ही उसके यहां काम करने वाले लोग खरीद सकेंगे।

कई लोग इसका इस्तेमाल राजनीतिक कवच के तौर पर कर रहे हैं, लेकिन इसकी सबसे ज्यादा मार राज्य के आम आदमी पर पड़ रही है। इसके चलते लोग उभरती हुई अर्थव्यवस्था और आर्थिक गतिविधियों और रोजगार से वंचित हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने तय किया है कि पूरे देश में लागू होने वाला कानून कश्मीर घाटी के लोगों पर भी समान रूप से लागू होगा। उन्होंने अपने ब्लॉग में राज्य के विकास के लिए किए जा रहे विकास कर्यों के बारे में भी बताया। केंद्रीय मंत्री ने अपने ब्लॉग में राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा आतंकियों को की जा रही फंडिंग पर लगाम कसने के बारे में भी बताया।