नई दिल्‍ली। भारत के अग्रणी प्रसारण नेटवर्क टाइम्‍स नेटवर्क ने अपने प्रमुख कार्यक्रम ‘डिजिटल इंडिया समिट 2019’ के 5वें संस्‍करण का आयोजन किया। 5वें संस्‍करण की थीम थी ‘भारत के 1 ट्रिलियन डॉलर के डिजिटल ड्रीम का अनावरण करना’। समिट में डिजिटल यूनिवर्स के पथप्रदर्शकों के साथ संवाद प्रस्‍तुत किये गये। उन्‍होंने भारत को संपूर्ण डिजिटल अर्थव्‍यवस्‍था में बदलने और इसे सशक्‍त बनाने के लिए अपने विजन एवं जानकारियां साझा की।

45 से अधिक प्रतिष्ठित वक्‍ताओं एवं 13 जबर्दस्‍त सत्रों के साथ भारत की डिजिटल अर्थव्‍यवस्‍था पर प्रकाश डालते हुये, डिजिटल इंडिया समिट 2019 में डिजिटल बदलाव में प्रमुख सेक्‍टर्स एवं उद्योगों को संबोधित किया गया। इन सेक्‍टर्स में ई-कैंपेनिंग, ई-हेल्‍थ, ई-कॉमर्स, डिजिटल भुगतान के लिए वित्‍तीय समावेशन, ई-फूड से लेकर एंटरटेनमेंट और ट्रैवेल शामिल हैं। इस समिट की भूमिका से अवगत कराने के के लिए, टाइम्‍स नेटवर्क के एमडी एवं सीईओ एमके आनंद ने स्‍वागत भाषण दिया और समिट के मुख्‍य अतिथि श्री रवि शंकर प्रसाद, केंद्रीय विधि एवं न्‍याय और इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ने प्रमुख संबोधन दिया। उन्‍होंने भारत के 1 ट्रिलियन डॉलरके डिजिटल ड्रीम को हासिल करने में योगदान करने वाले प्रमुख कारकों पर जोर दिया। अमिताभ कांत, सीईओ-नीति आयोग ने विशेष संबोधन दिया और अपने विचार साझा किये। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के कार्यकारी निदेशक दिनेश कुमार गर्ग ने डिजिटल इंडिया पर चर्चा की। उनका फोकस डिजिटल अर्थव्‍यवस्‍था एवं वित्‍तीय समावेशन पर था।
एमके आनंद, एमडी एवं सीईओ, टाइम्‍स नेटवर्क ने कहा, “दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ रही प्रमुख डिजिटल अर्थव्‍यवस्‍था को आगे बढ़ाने में किये जा रहे प्रयासों पर लोगों का ध्‍यान आकर्षित करने के लिए, डिजिटल इंडिया समिट में भारत के 1 ट्रिलियन डॉलर की डिजिटल इकोनॉमी के सपने का अनावरण किया गया है। यह प्रमुख क्षेत्रों में मौजूद संभावनाओं एवं चुनौतियों को संबोधित करता है जोकि डिजिटल बदलाव में महत्‍वपूर्ण घटक हैं।”
डिजिटल इंडिया समिट में केन्द्रीय विधि एवं न्याय तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री, श्री रवि शंकर प्रसाद ने कहाकि, 80 देशों के 200 शहरों में आईटी उद्योग मौजूद है. 167 बिलियन डॉलर से अधिक के टर्नओवर और 125 बिलियन डॉलर के बराबर निर्यात के साथ इस उद्योग में 40 लाख लोग प्रत्यक्ष रूप से और 1.25 करोड़ लोग अप्रत्यक्ष रूप से नियोजित हैं जिनमें महिलाओं की अनुपात 33% है और उनकी संख्या हर रोज बढ़ रही है.
“डिजिटल इंडिया को सामान्य भारतीयों को सक्षम बनाने के अनुरूप तैयार किया गया है. पिछले कुछ वर्षों में सम्पूर्ण डिजिटल इकोसिस्टम में काफी प्रगति हुयी है और हम इस गति को जारी रखना चाहते हैं. हमारी डिजिटल पहलों से 5000 के ई-स्कालरशिप के साथ करीब 1-5 करोड़ विद्यार्थियों को लाभ पहुंचा है और हमारी आयुष्मान भारत अभियान से 50 करोड़ भारतीयों को सहायता मिलने जा रही है. नवम्बर 2016 में भीम युपीआइ ऐप पर रोजाना केवल 4000 ट्रांजैक्शन होते थे, जबकि दिसम्बर 2018 में इसकी संख्या रोजाना 2 करोड़ पर पहुँच गयी. इसमें छोटे-छोटे शहरों में रहने वालों का बड़ा हाथ है.”
श्री रवि शंकर प्रसाद ने आगे यह भी कहा कि, “भारत में कभी महज 2 मोबाइल निर्माता थे और आज 127 हैं जिनकी बदौलत भारत चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता देश बन गया है. हमारा अभिप्राय इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में 1 करोड़ और सॉफ्टवेर सेक्टर में 35-40 लाख रोजगार के साथ भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में सबसे बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना है.”
अपने संबोधन के अंत में उनहोंने कहा कि, “भारत विश्व में दूसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप मूवमेंट बन गया है जिसका यूनिकॉर्न मूल्यांकन यूनाइटेड किंगडम से भी ऊँचा है. किसी प्रकार का डेटा एकाधिकारवाद हमें स्वीकार नहीं है. हम भारत का आईटी (इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी) + आईटी (इंडियाज टैलेंट) = आईटीआईटी का निर्माण कर रहे हैं. इसके सहारे भारत में अगले 4-5 वर्षों में 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था होगी और यही हमारा लक्ष्य है.

दिनेश कुमार गर्ग, कार्यकारी निदेशक-यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने कहा, “डिजिटल भारत दुनिया में सबसे बड़ी सरकारी कार्यक्रमों में से एक है जोकि डिजिटल तकनीकों का प्रयोग कर स्‍थायी एवं समावेशी सामाजिक बदलाव को लेकर आयेगा। भारत को ट्रिलियन-डॉलर की डिजिटल अर्थव्‍यवस्‍था बनाने की प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है और डिजिटल इंडिया इस सपने को हकीकत बना रहा है। तकनीक पहले ही देश में बैंकिंग की कम सुविधा वाली एवं बैंकिंग की सुविधा से वंचित आबादी के वित्‍तीय समावेशन को आगे बढ़ाने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभा रही है। डिजिटल भारत डिजिटल अर्थव्‍यवस्‍था एवं वित्‍तीय समावेशन की दिशा में सबसे बड़ा कदम है। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में हम भारत को इसका डिजिटल विजन हासिल करने में मदद देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमें इस असरदार पहल के लिए टाइम्‍स नेटवर्क के साथ साझेदारी कर गर्व हो रहा है।”
अमित मालवीय, आईटी चीफ, भाजपा ने उपभोक्ताओं पर डिजिटल प्रभाव के बारे में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि,“सोशल मीडिया में विस्फोट से काफी बदलाव हुआ है और उपभोक्ताओं को अपने विचार साझा करने का आसान साधन उपलब्ध हुआ है. आजसोशल मीडिया इतना ताकतवर हो गया है कि यही मेनस्ट्रीम प्लैटफॉर्म बन गया है. डिजिटल स्पेस में भाजपा सबसे आगे है. इस कारण से हम पर अक्सर ऐसे आरोप भी लगा दिए जाते हैं जो हमने नहीं किया है, जैसे कि फेक न्यूज़ का प्रसार जिसे गलत रूप में लिया जा सकता है. आज अनेक प्लैटफॉर्म्स मौजूद हैं और करोड़ों लोग टिकटॉक, शेयरचैट, फेसबुक जैसे ऐप्स का प्रयोग कर रहे हैं. इस तरह के ऐप्स से द्वितीय और तृतीय श्रेणी के शहरों के लोग भी अच्छी जानकारी रखते हैं और उन्हें फेक न्यूज़ से नहीं ठगा जा सकता.”

क्‍या भारत 5जी के लिए तैयार है? पर राजन मैथ्‍यू, सीओएआइ के महानिदेशक ने कहा कि, “भारत अभी भी 5जी के लिए रेस में बहुत पीछे है, क्षमता एवं गुणवत्‍ता के मुद्दों को ध्‍यान में रखते हुये, हमारे 4जी नेटवर्क को सही आकार देने के लिए अभी भी भारी-भरकम दीर्घकालिक निवेश की आवश्‍यकता है। हम 100 बिलियन डॉलर निवेश की जरूरत पर विचार कर रहे हैं जो प्राथमिक रूप से निजी क्षेत्र द्वारा संचालित होगी और जब तक वित्‍तीय तनाव के मुद्दों को हल नहीं कर लिया जाता, तब तक हम 5जी के युग में पहुंचने से काफी दूर हैं। हम सरकार का ध्‍यान इस ओर आकर्षित करना चाहते हैं, और टेलीकॉम कपनियों को आवश्‍यक निवेश करने की अनुमति देते हैं, ताकि वे देश को सुदृढ़ 4जी की दिशा में ले जायें और फिर खुद से सवाल पूछें कि क्‍या हम 5जी के लिए तैयार हैं?

इस समिट में भारत भर की कुछ सबसे नामचीन हस्तियों ने शिरकत की। इसमें विचारकों, डिजिटल गुरुओं, नीति निर्माताओं के विविधीकृत नेटवर्क को देखने का अवसर मिला जिन्‍होंने वहां उपस्थित लोगों को विभिन्‍न पैनल चर्चाओं के माध्‍यम से संबोधित किया। साथ ही देश की डिजिटल प्रगति को भी सक्षम बनाने पर चर्चा की गई। समिट में उपस्थित गणमान्‍य वक्‍ताओं में शामिल थे- अमित मालवीय, सोशल मीडिया एवं आइटी स्‍ट्रैटिजिस्‍ट-भाजपा, आशीष यादव, सोशल मीडिया एवं आइटी स्‍ट्रैटिजिस्‍ट- सपा एवं बसपा, अंकित लाल, सोशल मीडिया एवं आइटी स्‍ट्रैटिजिस्‍ट-आप, नाथ परमेश्‍वरन, भारत निदेशक-पेपल, राजन मैथ्‍यूज, महानिदेशक- सेल्‍युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया, दीप कालरा, संस्‍थापक एवं ग्राउंड सीईओ- मेक माय ट्रिप और उपासना टाकू, संस्‍थापक एवं सीईओ- मोबिक्विक, तरुण कात्‍याल, सीईओ- जी5 और अमनप्रीत बजाज, कंट्री मैनेजर- एयरबीएनबी आदि।

5वें डिजिटल इंडिया समिट 2019 के प्रस्‍तुतकर्ता हैं- यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, डिजिटल इंश्‍योरेंस पार्टनर- एगॉन लाइफ इंश्‍योरेंस, ओटीटी पार्टनर- एमएक्‍स प्‍लेयर,एसोसिएट पार्टनर- तोशिबा, सीएसआर पार्टनर-होंडा, डिजिटल सिनेमा पार्टनर-यूएफओ मूवीज, और सॉल्‍यूशन पार्टनर- एसएपी।