बरेली। चुनावी मैदान में उतरने के लिए कई पार्टीयों ने अपने उम्मीदवारों की लिस्ट भी जारी कर दी है. ऐसे में हमने भी चुनाव के लिए अपनी तैयारी पूरी कल ली है. तो आइए इस लोकसभा चुनाव से पहले जानिए अपने सांसद और संसदीय क्षेत्र के बारें में. आज हम बात करेंगे उत्तर प्रदेश बरेली लोकसभा सीट के बारे में, जो कि राजनीतिक की नजर से काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है. फिलहाल इस सीट से सासंद संतोष गंगवार है जो कि मोदी सरकार में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री है.

बरेली लोकसभा सीट का इतिहास

बरेली को बीजेपी का गढ़ माना जाता रहा है. यहां पिछले एक दशक से बीजेपी का एकमात्र राज रहा है. इस सीट पर अभी तक 16 बार बार चुनाव हुए हैं, जिसमें से 7 बार बीजेपी ने जीत हासिल की और 6 बार तो लगातार बाजी मारी थी. सन् 1952 और 1957 के चुनाव में कांग्रेस ने यहां जीत दर्ज की. लेकिन 1962 और 1967 के चुनाव में यहां कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा और भारतीय जनसंघ ने यहां जीत दर्ज की. हालांकिउसके बाद हुए तीन चुनाव में से दो बार कांग्रेस चुनाव जीती.

साल 1989 के चुनाव में यहां बीजेपी की ओर से संतोष गंगवार जीते, जिसके बाद उन्होंने इस सीट से कई बार जीत हासिल की. 1989 से लेकर 2004 तक लगातार 6 बार संतोष गंगवार यहां से चुनाव जीते. हालांकि, 2009 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा लेकिन 2014 में एक बार फिर वह बड़े अंतर से जीत कर लौटे.

बरेली लोकसभा संसदीय क्षेत्र में कुल मतदाता

बरेली संसदीय क्षेत्र में दलित, मुस्लिम और वैश्य समाज का दबदबा रहा है. साल 2014 के लोकसभा चुनाव में यहां कुल 16 लाख से अधिक मतदाता थे. जिसमें 9 लाख पुरुष और 7.5 लाख महिला मतदाता हैं.

2014 में बरेली सीट पर क्या था जनता का मिजाज

2014 के लोकसभा चुनाव में कुल 61 फीसदी मतदान हुआ था, इनमें से 6700 वोट नोटा (NOTA) में गए थे. बीजेपी के संतोष गंगवार को इस सीट पर 50 फीसदी से अधिक वोट मिला था. जबकि दूसरे नंबर पर रहे समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार को सिर्फ 27 फीसदी वोट मिले थे.

बरेली लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाली विधानसभा सीट

बरेली लोकसभा क्षेत्र में 5 विधानसभा सीटें आती हैं, इनमें मीरगंज, भोजीपुरा, नवाबगंज, बरेली और बरेली छावनी की सीटें आती हैं. 2017 के विधानसभा चुनाव में इन सभी 5 सीटों पर बीजेपी का ही कब्जा रहा था.

बरेली शहर क्यों है खास

बरेली, उत्तर प्रदेश का एक शहर है। रामगंगा नदी के तट पर बसा यह शहर रोहिलखंड के ऐतिहासिक क्षेत्र की राजधानी था. 1537 में स्थापित इस शहर का निर्माण मुगल प्रशासक ‘मकरंद राय’ ने करवाया था। यहां पर एक फ़ौजी छावनी है। यह 1857 में ब्रिटिश शासन के ख़िलाफ हुए भारतीय विद्रोह का एक केंद्र भी था. बरेली में ही अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा का घर भी है. बालीवुड अभिनेत्री दिशा पाटनी इसी शहर से आती हैं. बरेली का झुमका पूरे भारत में प्रसिद्ध है. धोपेश्वर नाथ, दरगाह आला हजरत, पशुपति नाथ, तपेश्वरनाथ यहां के प्रमुख पर्यटन स्थल हैं. दिल्ली से बरेली की दूरी 306 किलोमीटर और लखनऊ से 247 किलोमीटर है.