नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी का घोषणा पत्र जारी करने के बाद कहा कि उनकी पार्टी की सरकार बनने के बाद गरीबों के लिए न्यूनतम आय योजना शुरू करने के साथ ही किसानों के लिए अलग बजट शुरू किया जाएगा। गांधी ने कहा, ‘हम यह घोषणा पत्र जारी कर रहे हैं। जब हमने एक साल पहले इसे तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की तो हमने कहा कि इस घोषणापत्र में लोगों की आकांक्षाओं की झलक होनी चाहिए तथा सारे वादे सच्चे होने चाहिए। हम झूठ नहीं बोलना चाहते। प्रधानमंत्री रोज झूठ बोल रहे हैं।’

उन्होंने कहा, ‘घोषणा पत्र में पांच प्रमुख विचार हैं। पहला विचार न्याय का है। प्रधानमंत्री ने 15 लाख रूपये का झूठा वादा किया। लेकिन हमने विचार किया कि कुल कितना पैसा लोगों के खाते में डाला जा सकता है। फिर हमने कहा कि गरीबी पर वार, 72 हजार । ‘ गांधी ने कहा, ‘ रोजगार का मुद्दा दूसरा बड़ा वादा है। 22 लाख सरकारी नौकरियां रिक्त हैं। इन रिक्तियों को एक साल में भरा जाएगा। ग्रामीण इलाकों में हर साल 10 लाख युवाओं को रोजगार दिया जाएगा।’ उन्होंने कहा युवा कारोबार शुरू करेंगे तो तीन साल तक किसी अनुमति की जरूरत नहीं होगी। मनरेगा में कार्य दिवसों की संख्या को 100 दिन से बढ़कर 150 दिन करेंगे।

किसानों के लिए बड़े ऐलान करते हुए गांधी ने कहा, ‘किसानों के लिए अलग बजट होगा। किसान ईमानदार हैं । हमने निर्णय लिया है कि कर्ज अदायगी नहीं करने पर किसानों के खिलाफ फौजदारी अपराध का मामला दर्ज नहीं होगा, दीवानी अपराध का मामला होगा।’ उन्होंने कहा कि शिक्षा के लिए बजट का छह फीसदी ख़र्च किया जाएगा और गरीब से गरीब व्यक्ति को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित की जाएगी। गांधी ने कहा कि कांग्रेस देश को जोड़ने का काम करेगी। आंतरिक एवं राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी हमारा जोर होगा।