जयपुर। भारत 2020 तक सबसे बड़ी युवा आबादी का घर बनने जा रहा है और एक युवा संचालित देश की उन्नति के लिया यूथ का शिक्षित और सेल्फरिलाइअन्ट होना बहुत जरूरी है। आज का युथ टेक्नोलॉजी और डिजिटल सशक्तिकरण की तरफ आगे बढ़ना चाहता है, लेकिन टेक्निकल एजुकेशनऔर रिसोर्सेज के अभाव के चलते वह अपने सपनों को पूरा नहीं कर पाता है और आगे नहीं बढ़ पाता है। ऐसे में डिजिटल एजुकेशन को प्राप्त करना उसे अपने सामर्थय से बाहर लगता है, लेकिंन जज्बा के तत्वाधान में होने वाले डिजिटल एम्पावरमेंट के फेस्टिवल में ऐतिहासिक कदम उठाये जाएंगे।

संस्था के संस्थापक विमल डागा पेशे से इंजीनियर,मोटिवेशनल स्पीकर और एडुकेशनिस्ट हैं और जयपुर में राजस्थान और भारत के युवाओं के लिए जज्बा हैकेथोन का आयोजन करने जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि हमारे देश का युवा बहुत टैलेंटेड है, लेकिन सही मार्गदर्शन, फंड्स, रिसोर्सेज,महंगीएजुकेशन के चलते अपने सपनों को सही उड़ान नहीं दे पा रहा है। मैंने ऐसे बहुत से युवाओं को ट्रेन किया है, जिन्हें समाज बिलो एवरेज मानता रहा है और उनकी तरफ सोसाइटी का रवैया बेहद उदासीन था। उन्होंने बताया कि उन्हीं युवाओं से शुरुआत करते हुए उन्हे सशक्त और स्वावलम्बी बनाया है। आज ना केवल वो खुद काम कर रहे हैं बल्कि अन्य युवाओं को भी जॉब देने की स्थिति में हैं. हम ऐसे ही युवाओं की पहचान कर उन्हे एक पहचान देंगे और उनकी सहायता करेंगे, ना केवल उन्हे आगे बढ़ाने के लिए संसाधन उपलब्ध करवाएंगे बल्कि उन्हे प्रक्षिशित भी करेंगे।

एक सवाल के जवाब में विमल डागा ने कहा कि युवा सशक्तीकरण का यह त्योहार पूरे भारत के छात्रों को केटर करेगा और जयपुर में होगा। इसमें न केवल राजस्थान बल्कि पंजाब, दिल्ली, गुड़गांवऔर अन्य राज्यों के युवा भाग लेंगे और प्रतिष्ठित शिक्षाविद, प्रोफेसर और विशेषज्ञ भी शामिल होंगे। जज्बा एक उत्प्रेरक और सूत्रधार की भूमिकानिभाएगा और अपने भविष्य को आकार देते हुए युवाओं को सशक्तिकरण के पंख देगा। युवाओं के लिए यह कार्यक्रम सप्ताह भर की कार्यशालाओंऔर गतिविधियों की श्रृंखला के साथ आगे बढ़ेगा और उनके कौशल को परिभाषित करते हुए उनका मार्गदर्शन करेगा और साथ ही एंटरप्रेन्योरशिपको बढ़ावा देगा, जानकारी दी विमल डागा ने।