नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रविवार को विदेश में बसे कई भारतीयों की मदद मांगने के लिये किये गए ट्वीट पर प्रतिक्रिया दी। इससे पहले उनकी पूर्ववर्ती सुषमा स्वराज भी मुश्किल में फंसे कई भारतीयों की सोशल मीडिया पर शिकायत मिलने के बाद मदद करती थीं। स्वराज अपने पीछे विदेश मंत्री तक सुगम पहुंच की विरासत छोड़ गईं हैं जो विदेश में फंसे भारतीयों की ट्विटर के जरिये शिकायत मिलने पर भी मदद करती थीं।

जयशंकर ने एक के बाद एक कई ट्वीट कर कई भारतीयों की मदद की गुहार पर प्रतिक्रिया दी और उन्हें आश्वासन दिया कि संबधित देशों के भारतीय मिशन उनके मुद्दों के समाधान की कोशिश कर रहे हैं। महालक्ष्मी नाम की एक महिला ने जब ट्विटर पर उनके परिवार के एक सदस्य का इटली के दौरे के दौरान पासपोर्ट खोने पर मदद की मांग की तो जयशंकर ने कहा, “रोम में हमारा दूतावास/म्यूनिख में महावाणिज्य दूत हर संभव मदद करेंगे। कृपया उनसे @इंडियनइटली और @सीजीम्यूनिख के संपर्क में रहें।”

विदेश मंत्री ने एक ट्विटर यूजर्स के कुवैत में उनके पति को तलाशने और वापस लाने के अनुरोध पर भी प्रतिक्रिया दी।
महिला ने कहा कि उनका पति अदालती समन का जवाब नहीं दे रहा और कुवैत में आराम से रह रहा है। इस पर जयशंकर ने ट्वीट किया: “कुवैत में हमारा दूतावास पहले ही इस पर काम कर रहा है। कृपया उनके साथ @इंडएमकुवैत के संपर्क में रहें।” ऐसे ही उन्होंने कई और ट्विटर यूजर्स के सवालों और शिकायतों का जवाब दिया। उन्होंने शनिवार को अपने पहले आधिकारिक ट्वीट में कहा था कि उन्हें स्वराज के “नक्शे कदम पर चलकर गर्व होगा।”