नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संरक्षक एवं पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35-ए हटाये जाने को मोदी सरकार का साहसी कदम बताते हुए कहा कि यह जनसंघ के दिनों से ही भाजपा की मूल विचारधारा का हिस्सा था।

भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने सोमवार को जारी एक बयान में कहा कि मैं धारा 370 को रद्द करने के सरकार के फैसले से खुश हूं और मेरा मानना है कि यह राष्ट्रीय एकीकरण को मजबूत करने की दिशा में एक साहसिक कदम है। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 को खत्म करना, जनसंघ के दिनों से ही भाजपा की मूल विचारधारा का हिस्सा रहा है। मैं इस ऐतिहासिक पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को बधाई देता हूं और जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में शांति, समृद्धि और प्रगति के लिए प्रार्थना करता हूं।

वरिष्ठ भाजपा नेता अरुण जेटली ने ट्वीट संदेश में कहा आज एक ऐतिहासिक गलती को सुधारा गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को इस ऐतिहासिक गड़बड़ी को सुधारने के लिए बधाई। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 35-ए संविधान के अनुच्छेद 368 के तहत प्रक्रिया का पालन किए बिना पिछले दरवाजे से आया था। एक अस्थायी और क्षणिक प्रावधान को स्थायी नहीं माना जा सकता है। इसे जाना ही था। उन्होंने कहा कि अलग स्थिति के कारण अलगाववाद को बढ़ावा मिला। कोई भी गतिशील राष्ट्र इस स्थिति को जारी रखने की अनुमति नहीं दे सकता है।

पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह एक बहुत साहसिक और ऐतिहासिक निर्णय है। श्रेष्ठ भारत – एक भारत का अभिनन्दन।