मुंबई। जीवीके मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (एमआइएएल), जोकि छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट (सीएसएमआइए) को प्रबंधित करने वाली कंपनी है, ने एक मॉक एक्‍सरसाइज – एयरक्रॉफ्ट एक्‍सीडेंट ऑफ द एयरपोर्ट का आयोजन किया। इसका संचालन आज यानी कि 15 सितंबर 2019 को एसएनडीटी वूमेंस यूनिवर्सिटी पर रनवे 09-27 के अप्रोच पाथ पर किया गया। सीएसएमआइए ने अपने महत्‍वपूर्ण हितधारकों जैसे कि म्‍यूनिसिपल कॉर्पोरेशन ग्रेटर मुंबई (एमसीजीएम), स्‍टेट डिजास्‍टर मैनेजमेंट ऑथोरिटी, मुंबई फायर ब्रिगेड, नेशनल डिजास्‍टर रिस्‍पॉन्‍स फोर्स (एनडीआरएफ), मुंबई पुलिस, हॉस्पिटल्‍स, एम्‍बुलेंस सर्विसेज इत्‍यादि के साथ सक्रिय रूप से इस एक्‍सरसाइज में भाग लिया। मॉक एक्‍सरसाइज का आयोजन संयुक्‍त रूप से एमआइएएल द्वारा एमसीजीएम, प्रभावित एयरलाइंस के रूप में गो एयर और एसएनडीटी वूमेंस यूनिवर्सिटी, जुहू- मुंबई के साथ किया गया। मॉक एक्‍सरसाइज का संचालन एक बेहद दु:खद स्थिति के बारे में लोगों को प्रेरित करने के लिये किया गया, जहां पर एक घरेलू यात्री एयरक्रॉफ्ट इंजन खराब होने के कारण लैंडिंग से ठीक पहले एसएनडीटी यूनिवर्सिटी ग्राउंड पर क्रैश हो गया था। मॉक एक्‍सरसाइज : एयरक्रॉफ्ट एक्‍सीडेंट ऑफ द एयरपोर्ट की शुरूआत सुबह 10:00 बजे हुई और यह लगभग दोपहर 1 बजे तक चला।

गौरतलब है कि इस मॉक एक्‍सरसाइज को एक बेहद गंभीर दुर्घटना के बाद किया गया है। घरेलू एयरक्रॉफ्ट (एबीसी एयरलाइन ए320), जिसमें 150 यात्री और क्रू के सदस्‍य सवार थे और जो अहमदाबाद से मुंबई आ रही थी, अनियंत्रित होकर जमीन से टकरा गई थी और एयरपोर्ट पर पहुंचने से पहले ही उसके भयंकर आग लग गई थी। इस पैसेंजर कम फ्रेटर एयरक्रॉफ्ट में कुछ ऐसे कार्गो भी थे, जिसमें खतरनाक सामान थे और जिससे आग और भड़क गई थी।

इस घटना में 75 यात्री घायल हुये थे और 75 यात्रियों की मौत हो गई थी। इस एक्‍सरसाइज में लगभग 500 प्रतिभागियों के साथ प्रमुख ईमरजेंसी रेस्‍पॉन्‍डर्स ने भाग लिया। एमसीजीएम और अन्‍य अधिकारियों को सपोर्ट करते हुये एयरपोर्ट एवं एयरलाइंस की विभिन्‍न एजेंसियों को ऑब्‍जवर्स के रूप में तैनात किया गया, ताकि वे वास्‍तविक समय में ऐसी आपात स्थितियों से निपटने के लिये विभिन्‍न एजेंसियों द्वारा रेस्‍पॉन्‍स का मूल्‍यांकन अच्‍छी तरह से किया जा सके। मॉक एक्‍सरसाइज को वास्‍तविक बनाने के लिये एक डमी एयरक्रॉफ्ट बनाया गया और उसे आंशिक रूप से आग लगाई गई, ताकि उस स्थिति की गंभीरता को लाया जा सके। इसी तरह, स्‍थानीय पुलिस ने भी ‘मृत’ यात्रियों का सक्रिय रूप से पंचनामा किया और पोस्‍टमार्टम की प्रक्रिया के लिये उन्‍हें कूपर हॉस्‍पीटल पहुंचाया गया। इसके अलावा, इस गंभीर दुर्घटना के बाद बचाये गये सभी यात्रियों को उनके परिवार वालों और दोस्‍तों से मिलवाने का इंतजाम भी किया गया।

इस ऐक्टिविटी पर प्रतिक्रिया व्‍यक्‍त करते हुये, एमआइएएल के प्रवक्‍ता ने कहा, ”यह पहली बार है, जब इस तरह एक एयरपोर्ट द्वारा एयरपोर्ट के बाहर एक ईमरजेंसी रेस्‍पॉन्‍स एक्‍सरसाइज का संचालन किया जा रहा है और वह भी इसके सभी अन्‍य हितधारकों के साथ। इस तरह के एक्‍सरसाइज से हमें किसी भी स्थिति के लिये सप्‍ताह के सातों दिन और चौबीसों घंटे तैयार रहने में मदद मिलती है। इस रियल-टाइम सिमुलेटेड मॉक एक्‍सरसाइज के आयोजन का उद्देश्‍य प्रक्रिया की दक्षता की जांच करना और विभिन्‍न कर्मियों को प्रतिसाद के लिये तैयार करना था, ताकि वास्‍तविक आपात स्थितियों के प्रभाव को कम किया जा सके और साथ ही लोगों की जांच, संपत्ति एवं पर्यावरण की रक्षा की जा सके। इसके साथ ही ऐसी स्थिति में मुंबईकरों खासतौर से हमारे समर्थकों के दैनिक जीवन के नियमित कार्य भी प्रभावित न हों।”

जीवीके एमआइएएल में सभी गतिविधियों में सुरक्षा सर्वोपरि होती है। इसलिये, मॉक एक्‍सरसाइजेज का आयोजन नियमित अंतराल पर किया जाता है, ताकि किसी स्थिति में सभी हितधारकों को तैयार रखा जा सके। हाल ही में, अप्रैल 2019 के महीने में, एमआइएएल ने देर शाम के घंटों में एक फुल-स्‍केल एयरोड्रोम ईमरजेंसी एक्‍सरसाइज का सफलतापूर्वक संचालन किया। इतिहास में पहली बार इस तरह की मॉक एक्‍सरसाइज की गई, ताकि इसके अपने एवं सभी हितधारकों की तैयारियों की जांच की जा सके। इन रियल टाइम मॉक एक्‍सरसाइजेज के माध्‍यम से, यह महत्‍वपूर्ण हो गया है कि एमआइएएल जैसी सर्विसिंग बॉडीज यात्रियों के समग्र हित में काम करें।