नई दिल्ली। देश में लॉकडाउन बढ़ने के बाद भारतीय रेलवे ने भी अपनी यात्री सेवाओं को तीन मई तक निलंबित कर दिया है। वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश में जारी लॉकडाउन को तीन मई तक बढ़ाने की घोषणा के बाद यह निर्णय किया गया। भारतीय रेलवे ने मंगलवार को कहा कि तीन मई तक रद्द की गई ट्रेनों की ऑनलाइन टिकट लेने वाले लोगों के पैसे खुद ब खुद वापस आ जाएंगे और काउंटर से टिकट लेने वाले लोग 31 जुलाई तक अपने पैसे वापस ले सकते हैं। रेलवे ने कहा कि जो ट्रेने रद्द नहीं हुई हैं उसकी एडवांस बुकिंग रद्द करने वालों को भी पूरे पैसे वापस किए जाएंगे।

कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश में जारी लॉकडाउन को तीन मई तक बढ़ाने की घोषणा के बाद भारतीय रेलवे ने भी मंगलवार को अपनी यात्री सेवाओं को तीन मई तक निलंबित कर दिया था। रेलवे ने कहा कि ई-टिकट सहित ट्रेन की एडवांस बुकिंग अगले आदेश तक नहीं होगी। हालांकि ऑनलाइन टिकट रद्द करने की सुविधा जारी रहेगी।

रेलवे ने कहा, ‘‘ जहां तक तीन मई तक रद्द की गई ट्रेनों की बात है तो ऑनलाइन टिकट बुक करने वाले लोगों के पैसे अपने आप वापस आ जाएंगे। वहीं काउंटर से टिकट लेने वाले 31 जुलाई तक पैसे वापस ले सकते हैं। इन ट्रेनों की टिकट लेने वालों को पूरे पैसे वापस किए जाएंगे। ’’ उसने कहा, ‘‘ उन ट्रेनों की एडवासं बुकिंग करने वालों को भी पूरे पैसे वापस किए जाएंगे, जो अभी रद्द नहीं हुई है।’’

इससे पहले रेलवे ने तीन मई तक यात्री सेवाएं निलंबित करते हुए कहा था, ‘‘ कोविड-19 लॉकडाउन के मद्देनजर किए गए उपायों को बरकरार रखते हुए भारतीय रेलवे की प्रीमियम ट्रेनें, मेल / एक्सप्रेस ट्रेनें, यात्री ट्रेनें, उपनगरीय ट्रेनें, कोलकाता मेट्रो रेल, कोंकण रेलवे सहित सभी यात्री सेवाएं तीन मई रात 12 बजे तक निलंबित रखने का फैसला किया है।’’ भारत में अभी तक कोविड-19 के 10,000 से अधिक मामले सामने आए हैं और 339 लोगों की इससे जान गई है।