नई दिल्ली। सामाजिक राजनीतिक क्षेत्र में बहुत कम ऐसे लोग होेते हैं, जो समाज के हर तबके लिए हमेशा उपलब्ध होते हैं। देश के करोडों युवाओं के लिए दिन रात काम करते हैं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्ीय मीडिया सह प्रभारी डाॅ संजय मयूख। युवा फाउण्डेशन के राष्ट्ीय अध्यक्ष नंद किशोर चैधरी ने कहा कि हमारे सभी साथी डाॅ संजय मयूख से मिल रहे मार्गदर्शन के कारण लगातार समाज में काम कर रहे हैं। उनका बीते तीन दशक से अधिक का सार्वजनिक जीवन हम सभी युवाओं के लिए प्रेरणा का काम करता है। नंद किशोर चैधरी ने कहा कि बेशक वे बिहार से विधान पार्षद हैं, लेकिन दिल्ली में वे हर बिहार के लोग और पूर्वांचल के लोगों की आवाज बन चुके हैं। कोई भी क्षेत्र का आदमी उनके पास अपनी समस्या को लेकर पहुंचता है, तो उसका समाधान वे करवाते हैं।

नंद किशोर चैधरी ने बताया कि युवा फाउण्डेशन के स्थापना काल से ही भाजपा नेता संजय मयूख सामाजिक कार्य करने के तौर तरीकों के बारे में बताते रहे। एक विधान पार्षद का अनुभव और बिहार सहित देश की राजनीति में प्रतिदिन सैकडों लोगों से मिलने जुलने का उनका दशकों तक का सिलसिला हमारे काम आ रहा है। अंत्योदय की परिकल्पना और सामाजिक समरसता के साथ सबका साथ और सबका सहयोग कैसे किया जाए, इसके लिए मंत्र देते रहे। कई किस्से सुनाएं। कई प्रसंग बताएं। सबका लक्ष्य एक ही कि युवा फाउण्डेशन  अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे। नंद किशोर चैधरी का कहना है कि यह डाॅ संजय मयूख के ही प्रेरणा का असर है कि कोरोना संक्रमण के दौर में हमने दिल्ली सहित कई दूसरे जगहों पर भी जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाई। कई समाजसेवी हमसे लगातार जुड रहे हैं। एक सवाल के जवाब में युवा फाउण्डेशन के अध्यक्ष ने कहा कि कई लोग सार्वजनिक रूप से किसी राजनीतिक दल में आने से परहेज करते हैं, लेकिन वे सामाजिक भागीदारी में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाते हैं। ऐसे कई लोग हमारी संस्था से जुडे हैं और यह हमारे लिए गर्व की बात है।

युवा फाउण्डेशन के अध्यक्ष नंद किशोर चैधरी ने कहा कि कोरोना संक्रमण काल में उन्होंने कई लोगों से बात की। जरूरतमंद लोगों के बारे में हमें बताया और हमारी टीम उन तक पहुंची। सैकडों जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाकर हमारी टीम को अपार संतोष मिलता है। उन्होंने कहा कि बीते एक दशक से मैं व्यक्तिगत रूप से डाॅ संजय मयूख को जानता हूं। वे अब मुझे अनुजवत स्नेह और आशीष देते हैं। यह हमारे लिए गर्व की बात है। उनसे कई बार व्यक्तिगत स्तर पर समाजसेवा को लेकर बात हुईं। उन्होंने कई स्वरूप बताएं। सुझाव दिए। यह उनके सुझाव का ही प्रतिफल रहा कि हमने समान सोच वाली कुछ युवाओं को लेकर युवा फाउण्डेशन का गठन किया। अब तो दर्जनों लोग हमारी संस्था से जुड गए हैं और लगातार समाजसेवा का कार्य कर रहे हैं।