कृष्णमोहन झा

 

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने ‌आज अपने यशस्वी जीवन के 64 वर्ष पूर्ण किए हैं। यद्यपि उनके साथ मेरा परिचय लगभग एक दशक पुराना ही है परंतु मुझे स्मरण नहीं आ रहा कि हमारी औपचारिक मुलाकातों ने कब घनिष्ठ संबंधों का रूप ले लिया। इन घनिष्ठ संबंधों ने मुझे नरेन्द्र सिंह तोमर के व्यक्तित्व और कृतित्व की खूबियों को नजदीक से देखने का सुअवसर प्रदान किया । हर मुलाकात में मुझे उनके सहज ,सरल , मृदु भाषी राजनेता होने की अनुभूति हुई। बाद में उन्होंने मेरे अनुरोध पर मेरी एक चर्चित पुस्तक’ महानायक मोदी’ की भूमिका भी लिखी थी। वे आज मोदी सरकार के एक महत्वपूर्ण मंत्री हैं। उनकी गणना प्रधानमंत्री के विश्वासपात्र मंत्रियों में प्रमुखता से होती है। महत्वपूर्ण मंत्रालयों का कार्य भार उनके पास होने के कारण उनकी व्यस्तता इतनी बढ़ चुकी है कि उनसे पहले जैसी मुलाकातें अब संभव नहीं रह गई हैं परंतु इतना मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि वे उतने ही सहज सरल और विनम्र आज भी हैं जितना सहज सरल और विनम्र मैंने उन्हें एक दशक पहले हुई पहली मुलाकात में पाया था। नरेंद्र सिंह तोमर का चार दशक से अधिक का राजनीतिक सफर उल्लेखनीय उपलब्धियों से लबरेज रहा है ।महाविद्यालयीन विद्यार्थी जीवन के दौरान ही नरेंद्र सिंह तोमर के व्यक्तित्व में अद्भुत नेतृत्व क्षमता और सांगठनिक कौशल के गुण उजागर होने लगे थे। मुरार महाविद्यालय के छात्र संघ चुनावों में जब वे अध्यक्ष पद के लिए चुने गए वह उनके यशस्वी जीवन के सोपान की पहली सीढ़ी थी । उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत मुरार नगर निगम चुनाव में उनकी शानदार जीत से हुई थी जिसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। 2003 में संपन्न राज्य विधानसभा के चुनावों में भाजपा ने प्रचंड बहुमत से विजय हासिल करके एक दशक के बाद जब सत्ता में वापसी की तो नरेंद्र सिंह तोमर को राज्य सरकार में शामिल किया गया और जनसंपर्क जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई । उन्होंने इस जिम्मेदारी का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया ।उनकी विलक्षण कार्यशैली को देखते हुए पार्टी ने उनकी अपरिमित क्षमताओं का उपयोग पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में करने का फैसला किय। इस जिम्मेदारी को उन्होंने संपूर्ण विनम्रता के साथ स्वीकार किया। जिस तरह अतीत में प्रदेश भाजपा युवा मोर्चे के अध्यक्ष पद पर रहते हुए उन्होंने अपने सांगठनिक कौशल और नेतृत्व क्षमता से भाजपा को युवाओं की पहली पसंद बना दिया था उसी तरह पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष की बागडोर उनके हाथों में आते ही प्रदेश में राजनीतिक पंडितों के बीच तेजी से यह धारणा बनने लगी कि भाजपा ने तोमर को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर 2008 के राज्य विधानसभा चुनावों में लगातार दूसरी बार शानदार जीत के साथ सत्ता में वापसी सुनिश्चित कर ली है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की लोकप्रियता और नरेन्द्र सिंह तोमर के रणनीतिक कौशल ने प्रदेश में लगातार दो विधानसभा चुनावों में भाजपा को प्रचंड विजय का हकदार बनाया। इसमें दो राय नहीं हो सकती कि यह जोड़ी प्रदेश में सोने में सुगंध कहावत की परिचायक बन गई थी। तोमर की राजनीतिक उपलब्धियों की फेहरिस्त इतनी लंबी है कि उसे एक छोटे से लेख में समेट पाना संभव नहीं है । लेकिन इतना निश्चित रूप से कहा जा सकता है कि जब भी किसी चुनाव में पार्टी के चुनाव अभियान की बागडोर सौंपी गई है वहां पार्टी को उल्लेखनीय सफलता मिली है। यही कारण है कि भाजपा में नरेंद्र सिंह तोमर का कद इतना ऊंचा हो चुका है कि महत्वपूर्ण मामलों में उनकी राय की अनदेखी नहीं की जा सकती।
2014 के लोकसभा चुनावों में जब भाजपा नीत गठबंधन ने बहुमत हासिल किया उसके पूर्व ही तोमर अपनी राजनीतिक सूझ-बूझ और विलक्षण कार्यशैली से भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को प्रभावित कर चुके थे।यही कारण था कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जब अपने प्रथम केंद्रीय मंत्रिमंडल का गठन करने जा रहे थे तो मध्यप्रदेश मध्यप्रदेश से नरेन्द्र सिंह तोमर का नाम ‌ उनके जहन में सबसे पहले आया। तोमर ने केंद्रीय मंत्री के रूप में अपने प्रथम कार्यकाल में ही प्रधानमंत्री मोदी को अपनी कार्यक्षमता से इतना प्रभावित किया कि 2019 में दूसरी बार गठित मोदी सरकार में तोमर प्रधानमंत्री के विश्वासपात्र चुनिंदा मंत्रियों की टीम के महत्वपूर्ण सदस्य बन गए। नरेन्द्र सिंह तोमर की कार्यशैली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे प्रचार प्रसार से हमेशा दूर रहना पसंद करते हैं । केवल अपने मंत्रालयों की जिम्मेदारी के निष्ठापूर्वक निर्वहन में विश्वास रखते हैं।तोमर के प्रमुख लेखों एवं भाषणों के संग्रह ‘नमामि भारत’ के लिए अपने संदेश में उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू ने लिखा है-‘ विभिन्न मंत्रालयों के समेकित प्रभार के कुशल संवहन का कार्य-निष्पादन कर मितभाषी तोमर जी ने देश की विकासवादी अवधारणा के गुणात्मक अभिवर्धन हेतु अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की है। ‘
तोमर विवादों से दूर रहना पसंद करते हैं। मितभाषी तोमर के व्यक्तित्व एवं कृतित्व की अनूठी विशेषताओं ने उन्हें राजनेताओं की भीड़ में अलग पहचान दिलाई है । आलोचनाओं से वे उत्तेजित होते हुए उन्हें कभी नहीं देखा जा सकता। उनका मानना है कि सकारात्मक बातचीत से कठिन से कठिन समस्या का हल निकाला जा सकता है। विगत वर्ष केंद्र सरकार ने जो नए कृषि कानून बनाए उनको लेकर किसानों की गलतफहमियां दूर करने के लिए उन्होंने किसान संगठनों के साथ बातचीत के द्वार हमेशा खुले रखे हैं। तोमर का दृढ़ विश्वास है कि बातचीत से ही किसान आंदोलन को सुखद परिणिति के बिंदु तक पहुंचाया जा सकता है। तोमर ने किसान संगठनों के साथ बातचीत के हर दौर में उनकी गलतफहमियां दूर करने का हर संभव प्रयास किया है। उल्लेखनीय है कि नरेंद्र सिंह तोमर भी ग्रामीण परिवेश से जुड़े हुए राजनेता हैं । उन्हें किसानों की तकलीफों से नजदीक से देखा है।उनकी समस्याओं की तोमर को गहरी समझ है इसलिए प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें ऐसे मंत्रालयों का प्रभार सौंपा है जहां उनके अनुभवों का अधिकतम लाभ किसानों को मिल सके। तोमर ने अपने प्रकाशि‌त कृति ‘नमामि भारत’ की भूमिका में लिखा है -श्री मोदी जी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में मेरी कोशिश रही है कि ग्रामीण क्षेत्र के विकास के लिए चलाई जा रही योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचे, उनमें पूरी पारदर्शिता हो और किसी तरह के भेदभाव या पक्षपात की गुंजाइश न हो। सरकार की कोशिश रही है कि हर गांव वासी के चेहरे पर मुस्कान लौटे,हर गांव और हर ग्रामीण परिवार सुखी, स्वस्थ , समृद्ध और खुशहाल हो।’ तोमर ने ‘नमामि भारत’ में संग्रहीत अपने एक लेख के प्रारंभ में ही कहा है कि पारदर्शी नीतियां और उत्तरदायी समाधान हर सरकार का संकल्प होना चाहिए। इस दिशा में तोमर के प्रयास निःसंदेह सराहनीय हैं। तोमर को जिन मंत्रालयों का प्रभार मिला हुआ है उनका प्रदर्शन इस सत्य को प्रमाणित करने के लिए पर्याप्त है कि वे प्रधानमंत्री मोदी के भरोसे पर खरे उतरे हैं।
राष्ट्रीय ग्रामीण विकास और पंचायती राज संस्थान द्वारा प्रकाशित नरेन्द्र सिंह तोमर के सारगर्भित लेखों और भाषणों के संग्रह’ नमामि भारत ‘ में पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने अपने संदेश में तोमर के व्यक्तित्व और कृतित्व की खूबियों का उल्लेख करते हुए लिखा है -‘ मृदु, मितभाषी, धीर गंभीर व शांत स्वभाव वाले श्री तोमर सरकार से लेकर संगठन तक ,सभी के बीच लोकप्रिय रहे हैं। वे जमीन से जुड़े हुए लोकप्रिय जनप्रतिनिधि हैं जिन्होंने संगठन व सरकार , दोनों ही स्तर पर अपने अथक परिश्रम, समर्पण एवं निष्ठा से सफलता एवं सम्मान अर्जित किया है। जनता से जीवंत सम्पर्क होने के कारण उन्हें जनसमस्याओं की जानकारी और गहरी समझ है।’ सुमित्रा महाजन के संदेश की इन चंद पंक्तियां में निःसंदेह तोमर के आदर्श और प्रेरक व्यक्तित्व एवं कृतित्व का सार छुपा हुआ है। मैं नरेंद्र सिंह तोमर को उनके 65वें जन्म दिवस पर हार्दिक बधाई देता हूं और उनके स्वस्थ सुखी शतायु जीवन के अनंत शुभकामनाएं प्रेषित करता हूं।

 

(लेखक IFWJ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं डिज़ियाना मीडिया समूह के सलाहकार है】