नई दिल्ली।
अब कुत्ते सूंघकर बताएंगे कि आप कोरोना वायरस (कोविड-19) से संक्रमित है या नहीं। जीं हां, वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि उन्होंने कुछ ऐसे कुत्तों को ट्रेन्ड किया है, जो अब सूंघकर बताएंगे कि आप कोरोना से संक्रमित हैं या नहीं। कोरोना वायरस की पहचान के लिए अब तक एंटीजन और RTPCR टेस्ट की जरूरत होती थी, लेकिन अब एक कुत्ता भी सूंघ कर बता सकता है कि किसी को कोविड -19 संक्रमण है या नहीं।

दुनियाभर के कई बड़े एयरपोर्ट पर कोरोना की जांच के लिए ‘बायोडिटेक्शन डॉग्स’ का इस्तेमाल किया जा रहा है। दुनियाभर के विभिन्न हवाई अड्डों लेबनान, संयुक्त अरब अमीरात और फिनलैंड पर ‘बायोडिटेक्शन डॉग्स’ के द्वारा टेस्ट किए जा रह हैं। कुत्तों को लंबे समय से मेडिकल क्षेत्र में बमों और प्रतिबंधित दवाओं को सूंघने के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है। कुत्तों का उपयोग कुछ प्रकार के कैंसर, मधुमेह और यहां तक कि पार्किंसंस रोग को भी सूंघने के लिए किया जाता है। इस प्रक्रिया को ‘बायोडिटेक्शन’ कहा जाता है क्योंकि इसमें कोई परीक्षण या रसायन शामिल नहीं होता है। 2020 में जब कोरोना महामारी ने वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों को कोविड-19 वायरस को सूंघने के लिए कुत्तों को प्रशिक्षित करना शुरू किया और उन्हें जल्दी ही सफलता मिली।

एनसीबीआई ने बताया कि फिनलैंड और लेबनान में किए गए परीक्षणों के शुरुआती निष्कर्षों से पता चला कि कुत्ते पारंपरिक परीक्षणों से वायरस लेने से कुछ दिन पहले सकारात्मक मामलों की पहचान करने में सक्षम हैं। अमेरिका में मियामी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पायलट कार्यक्रम ने 98% का पता लगाया है।