UP Election 2022 Live Update: जैसे जैसे चुनाव का समय नजदीक आ रहे है , एक दुसरे पर  आरोप प्रतिआरोप का सिलसिला बढ़ता जा रहा है, हर पार्टी अपने कामो को सर्वोपरि बता रही है।  ऐसे ही अपने चुनावी भाषण में उत्तर प्रदेश के मुख्यामंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “गन्ने की मिठास डबल इंजन की सरकार लाएगी। ये जिन्ना समर्थक गन्ने की मिठास नहीं ला सकते हैं। ये लोग योजनाओं के पैसों को हड़पते हैं और इत्र वाले मित्र के यहां रखते हैं। हम एक तरफ विकास करेंगे तो एक तरफ बुलडोजर चलाने का काम करेंगे। अब बुलडोजर में एक मशीन भी फिट है, जो माफियाओं को खोज लेती है।“  अपने कामो के बारे में मुख्यामंत्री कहते है , पहले कर्फ्यू लगता था अब कांवड़ यात्रा निकालती है। अब लोग हर-हर बम-बम करते हुए कांवड़ यात्रा के लिए निकलते हैं। भाजपा सभी को सुरक्षा, सम्मान और समृद्धि देगी। ये बातें मुजफ्फरनगर के चरथावल और पुरकाजी में प्रभावी मतदाता संवाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहीं।

मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 2017 के पहले पश्चिमी यूपी में न बेटी सुरक्षित थी और न ही अन्नदाता। 2013 में सचिन और गौरव बहन की रक्षा करते-करते बलिदान हो गए। तब इन दो लड़कों की जोड़ी में से एक दंगा करा रहा था और एक तमाशा देख रहा था। उस समय भी भाजपा के ही लोग आपकी सुरक्षा के लिए लड़ रहे थे। जब भाजपा की सरकार आई तो दंगाइयों को बिलों में घुसेड़ने का काम किया गया।

उन्होंने कहा कि जो लोग सोच रहे हैं कि चुनावी घोषणा के बाद बिलों से निकलकर फिर धमकाएंगे। वो जान लें, मात्र 32-33 दिन की सीमा है। रोज एक-एक दिन कम होता जाएगा। 10 मार्च के बाद उनकी गर्मी शांत कर देंगे।

उन्होंने कहा कि विकास अपने तरीके से आगे बढ़ेगा और सुरक्षा के साथ समझौता नहीं होगा। सहारनपुर और मेरठ में विश्वविद्यालय बन रहे हैं, हाईवे बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोई दंगा नहीं कर सकता है और व्यापारियों को पलायन नहीं करा सकता है। जो बेटियों की सुरक्षा के लिए खतरा बनेगा उसको गले में पट्टी लटकाकर जान की भीख मांगनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि नाम समाजवाद, सोच परिवारवाद और काम दंगावाद का है।

उन्होंने कहा कि 10 फरवरी तक 90 फीसदी लोगों को वैक्सीन लग जाएगी। जो लोग वैक्सीन के खिलाफ दुष्प्रचार कर रहे थे, यह उनके मुंह पर तमाचा है। अगर मोदी वैक्सीन बचाएगी तो लोग उसी के साथ ही खड़े होंगे। जीवन के साथ खिलवाड़ करने वालों के साथ जनता नहीं रहती है।