नई दिल्ली। वैश्विक महामारी के कारण लोग अपना अधिकाँश समय ऑनलाइन बिता रहे हैं और लगातार घर में रह रहे हैं. इस स्थिति में इस बार के त्यौहारी मौसम में ब्रांड्स, शॉपिंग, और सेलीब्रेशंस की जानकारी पाने में वीडियो, एआर, इन्फ्लुएंसर, देशी कंटेंट, और मैसेजिंग की महत्वपूर्ण भूमिका होगी. इसकी और अनेक दूसरी चीजों का खुलासा फेसबुक के ‘फेस्टिव प्लेबुक’ में किया गया है. कंपनी द्वारा इस बार की दिवाली में डिजिटल माध्यम से खरीदारों से जुड़ने में विभिन्न ब्रांडों की मदद के लिए इसका अनावरण किया गया.

फेसबुक ने उद्योग के साथ कार्य करने और महामारी से कारोबार को उबरने में सहयोग के लिए अनेक प्रयासों के बाद फेस्टिव प्लेबुक प्रस्तुत किया है. इसके पहले इसी साल फेसबुक ने बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप के साथ सहयोग करके एक श्रृंखलाबद्ध रिपोर्ट जारी की थी. उस रिपोर्ट में वैश्विक महामारी के प्रकोप के बाद से उपभोक्ताओं के व्यवहार में आये परिवर्तन और अलग-अलग उद्योगों पर इसके प्रभाव की पड़ताल की गयी है. बाद में फेसबुक ने एक ‘क्रिएटिव प्लेबुक’ जारी करने के लिए ओगिल्‍वी के साथ गठबंधन किया और व्यावसायिक संगठनों को न्यू नॉर्मल के नेविगेशन में सहायता हेतु एक ‘मीडिया प्लेबुक’ जारी करने के लिए ग्रुपएम के साथ मिलकर काम किया.

फेस्टिव प्लेबुक में फेसबुक द्वारा आरम्भ किये गए यूजीओवी (YouGov) और बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप के दो अलग-अलग सर्वाधिक उल्लेखनीय अध्ययनों सहित प्रमुख अनुसंधानों के साथ-साथ अन्य सार्वजनिक स्रोतों की अंतर्दृष्टि को समेकित किया गया है. इस प्लेबुक से उद्योगों को उपभाक्ताओं के बारे में प्रमुख जानकारी और प्रवृत्तियों का पता चलता है, जो उन्हें दिवाली और उसके बाद के समय में प्रभावकारी विज्ञापनों को तैयार और संप्रेषित करने के लिए ध्यान में रखना आवश्यक है.

फेसबुक इंडिया के ग्लोबल मार्केटिंग सॉल्‍यूशंस (जीएमएस) में डायरेक्टर और हेड, संदीप भूषण ने कहा कि, “भारत में दिवाली और उसके कुछ सप्ताह पहले का समय व्यवसाय के ख्याल से और इस तरह अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण होता है. त्यौहार से जुड़े फैशन और तकनीकी उपकरणों की खरीदारी में आधा से अधिक पर आजकल उन चीजों का प्रभाव रहता है जो उपभोक्ता अपने मोबाइल फ़ोन पर देखते हैं. सोशल मीडिया की पृष्ठभूमि में डिजिटल का विस्‍तार व्‍यापक पैमाने पर हो चुका है. भारत में ऐप्स के फेसबुक परिवार के साथ 400 मिलियन से अधिक, लोग जुड़े हुए हैं और ऐसे में हम ब्रांड की खोज और सचमुच वृद्धिशील कारोबारी परिणाम, दोनों मामलों में इस बार के फेस्टिव सीजन में अनुवर्ती भूमिका निभायेंगे.”

GroupM के सीईओ (साउथ एशिया), प्रसान्थ कुमार ने कहा कि, “डिजिटल प्रभाव में भारी बढ़ोतरी हुयी है. मार्केटर्स इस बार के सीजन में सम्बंधित उपभोक्ता वर्गों में ब्रांड की खोज में तेजी के लिए, परफॉरमेंस मार्केटिंग को आगे बढ़ाने और ई-कॉमर्स पर छाने के लिए, और उपभोक्ताओं को आकर्षित करने के लिए अत्याधुनिक नवाचार निर्मित करने में डिजिटल का लाभ उठा सकते हैं.”

इस बार के त्योहारों के मौसम में व्यवसायियों के जीतने के लिए इस फेस्टिव प्लेबुक में छः प्रमुख उपभोक्ता प्रवृत्तियों का उल्लेख किया गया है. दिवाली के आने में ठीक एक महीना बाकी है और ऐसे में इन जानकारियों से व्यावसायिक संगठनों को सर्वाधिक संभव सम्मोहक और प्रभावकारी ढंग से उपभोक्ताओं से साथ जुड़ने में आसानी होगी.

[1] माँग में संभावित उछाल के लिए तैयारी करें : त्योहारों के मौसम में, जब देश में अनलॉक की प्रक्रिया जारी है और जैसा कि व्यवसायी वर्ग इस समय के उपयुक्त समाधान और अनुभव तैयार करते हुए न्यू नॉर्मल को अपनाते जा रहे हैं, माँग में मजबूती अपेक्षित है. फेसबुक-बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप के उपभोक्ता व्यवहार पर अध्ययन से पता चला था कि उपभोक्ता आगामी सप्ताहों और महीनों में परिधान, पैक की हुयी उपभोक्ता वस्तुएँ, मोबाइल फ़ोन, होम केयर और ऑटोमोबाइल्स जैसी प्रमुख उपभोक्ता सामग्रियों पर ऑनलाइन खर्च अधिक करने की योजना बना रहे थे.

[2] कठिन समय में फेस्टिव शॉपिंग एक सकारात्मक बाज़ार हो सकता है : यूजीओवी (YouGov) द्वारा किये गए शोध से सम्बंधित सर्वेक्षण में शामिल लोगों में से तीन-चौथाई लोगों ने दिवाली से कम से कम दो सप्ताह पहले से दिवाली की खरीदारी आरम्भ करने की जानकारी दी. 45% मिलेनियल्स (25-39 आयु वर्ग) ने खुद को जल्द खरीदारी करने वालों के रूप में चिन्हित किया. शोध में यह भी सामने आया कि जल्द खरीदारी करने वाले 17% ज्यादा खर्च करते हैं और विभिन्न ब्रांड्स इसका लाभ उठा सकते हैं. पिछले साल परिधान, फ़ूड, इलेक्ट्रॉनिक्स के बाद आभूषण, स्वास्थ्य और सौन्दर्य सामग्रियां सबसे अधिक खरीदी गयी थीं. दिलचस्प बात यह है कि प्लेबुक में यह भी दर्शाया गया है कि त्योहारी मौसम दिवाली के बाद भी रहता है. यह मौसम जनवरी तक जारी रहता है जिससे ब्रांडों को उपभोक्ताओं से जुड़ने और बिक्री बढ़ाने के लिए एक लंबा समय मिल जाता है.

[3] भारतीय लोग अपने मनपसंद ब्रांडों के लिए फेसबुक परिवार के ऐप्स पर खोज और खरीदारी करते हैं : यूजीओवी (YouGov) के अध्ययन के अनुसार फेसबुक और इन्स्टाग्राम मिलकर जेनरेशन-जेड (डिजिटल पसंद शिक्षित नवयुवा पीढ़ी) और मिलेनिअल पीढ़ी के 80% लोगों की फेस्टिव शॉपिंग को प्रभावित करते हैं. सौन्दर्य और पर्सनल केयर, पैक की हुयी उपभोक्ता वस्तुएं, और ऑटो जैसी सभी श्रेणियों में लोगों ने कहा कि खोज और मूल्यांकन के लिए अन्य ऑनलाइन चैनलों और स्रोतों की तुलना में ऐप्स का फेसबुक परिवार अग्रणी स्रोत बन कर उभरा है.

[4] फेस्टिव शॉपिंग करने वालों के कार्य वर्चुअल अनुभवों और ‘मेड-फॉर-सोशल’ वीडियो से प्रेरित होते हैं : वीडियो, ऑगमेंटेड रियलिटी, और अंतःक्रियात्मक विज्ञापन इस बार के फेस्टिव सीजन में प्रमुख भूमिका निभायेंगे, क्योंकि लोग घरों में ही बने रहेंगे. यूजीओवी (YouGov) अध्‍ययन के अनुसार त्योहारी खरीदारों में से आधे लोग अपने सोशल मीडिया फीड्स पर पोस्ट करते हैं या वीडियो देखते हैं, और 46% त्योहारी खरीदार वैसे वीडियो देखना पसंद करते हैं जिनसे उनकी छुट्टियाँ मनाने का मूड बने. परिधान और सौन्दर्य सामग्रियों के 56% त्योहारी खरीदारों ने कहा कि उत्पाद के वीडियो से उन्हें खरीदारी का फैसला करने में मदद मिलती है. ऑटोमोबाइल की खरीद को रद्द या स्थगित करने वालों में से एक-चौथाई शॉपर ऑटोमोबाइल उपभोक्ता भी डीलरशिप के न्यूनतम संपर्क करने पर अपने फैसले पर दोबारा विचार कर सकते हैं.

[5] प्रभाव डालने वाले और देशी कंटेंट त्योहारी खरीदारों को पसंद आते हैं : प्रभाव डालने वाले (इन्फ्लुएंसर) और देशी कंटेंट भी इस बार दिवाली में और उसके बाद भी त्यौहार सम्बन्धी खरीद को प्रेरित करेंगे. परिधान के 46% उपभोक्ताओं ने कहा कि वे फेस्टिव सीजन के दौरान इन्फ्लुएंसर्स द्वारा पोस्ट किये गए वीडियोज से प्रभावित होते हैं. 68% त्योहारी खरीदारों को भी स्थानीय भाषा में किये गए विज्ञापन देखना ज्यादा अच्छा लगता है और सर्वेक्षण किये गए लोगों में से आधे ने कहा कि खरीदारी के समय स्थानीय भाषा में जानकारी मिलना महत्वपूर्ण होता है.

[6] भारत के लोग त्योहारों के समय खरीदारी करते समय मैसेज भेजने वाले ब्रांडों को प्राथमिकता देते हैं : यूजीओवी (YouGov) द्वारा संचालित अध्ययन से पता चला है कि त्यौहार सम्बन्धी खरीदारी के दौरान भारत के लोग मैसेज भेजने वाली कंपनियों को वरीयता देते हैं. यूजीओवी (YouGov) के निष्कर्षों के अनुसार, 48% लोगों ने ऑर्डर का पता करने के लिए मैसेजिंग सेवा का प्रयोग किया और 45% लोगों ने पिछले साल के फेस्टिव सीजन में उत्पाद खरीदने के लिए मैसेजिंग सेवा का प्रयोग किया. 61% उत्तरदाताओं ने कहा कि उन्‍होंने किसी सौदे की मैसेजिंग के लिए व्हाट्सऐप का इस्तेमाल किया, जबकि 36% लोगों ने फेसबुक मैसेंजर का प्रयोग करने की बात कही.