नई दिल्ली । आप जानते हैं कि ट्राई के नए फैसले के तहत टीवी पर क्या देखना और कौन से चैनल पर देखना है इसका अधिकार दर्शकों को दिया है। यानी उन्हें केवल उन्हीं चैनलों के पैसे देने हांेगे, जो आप देखना चाहते हैं। अन्यथा पहले टीवी व्यूविंग के लिए डीटीएच/केबल आॅपरेटर के बताए पैकेज पर निर्भर रहना पड़ता था। अब टीवी देखने के लिए ट्राई की नई सिफारिशों के अनुसार, इसे चुनने का अधिकार दर्शकों को दिया गया है। हालांकि हर बदलाव की तरह, इस बदलाव में भी देश भर के लोगों को नई दर नीति अपनाने में अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जहां इस समय लोगों के दिमाग में कई सवाल उभर रहे हैं, वहीं इसमें एक भ्रम की स्थिति पैदा बनी हुई है। इससे दर्शक सही फैसला नहीं ले पा रहे हैं। कई सवाल उपभोक्ताओं के मन में उधेड़ बुन कर रहे हैं, जैसे- क्या इससे केबल का मासिक बिल बढ़ जाएगा? क्या होगा यदि वो 31 मार्च से पहले अपना चुनाव नहीं कर पाते हैं? क्या वो चैनल नहीं देख पाएंगे?, क्या पैक के चुनाव के बाद पैक को बदल पाएंगे, यदि सर्विस प्रोवाइडर उन्हें उनकी पसंद के चैनल उपलब्ध करने से इनकार कर दे तो क्या होगा?, आदि। इस नई दर नीति को लेकर ग्राहकों के सवालों का जवाब देने और उनका चुनाव आसान बनाने के लिए अब ज़ी ने भारतीय परिवारों को यह नई व्यवस्था समझाने का देशव्यापी अभियान चलाया है।

इस अभियान में पहला कदम बढ़ाया ज़ी टीवी ने। इसके तहत जी टीवी के चर्चित शो के ‘तुझसे है राब्ता‘ की कल्याणी यानी रीम शेख दिल्ली पहुंचीं। यहां सुखदेव नगर, कोटला मुबारकपुर स्थित एक परिवार के घर गईं। साथ ही उन्हें  ट्राई की नई डीटीएच, केबल मूल्य निर्धारण व्यवस्था की उनकी सभी शंकाओं का समाधान किया। साथ ही एक बेहतर चुनाव करने के लिए उनका मार्गदर्शन किया। जिससं उन्हें अपने पैसों का सही मूल्य मिले और वो अपने परिवार के पसंदीदा चैनलों को भी मिस ना करें। इस मल्टी सिटी कंज्यूमर एजुकेशन अभियान के तहत अनेक कलाकार दर्शकों के घरों में जाएंगे, जिसमें रीम की दिल्ली यात्रा पहला कदम है। बकौल रीम शेख कहती हैं कि दर्शकों ने मुझे बहुत प्यार दिया है। मेरे लिए यह रिश्ता बहुत खास है और मैं चाहती हूं यह रिश्ता और मजबूत बने। ट्राई की नई दर नीति की घोषणा के बाद यह देखा जा रहा है कि बहुत-से दर्शक अब भी चैनलों के पैक्स चुनने में अनेक दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में एक जिम्मेदार ब्रॉडकास्टर होने के नाते ज़ी ने दर्शकों से संवाद बनाने की जिम्मेदारी उठाई है, ताकि इस व्यवस्था को लेकर दर्शकांे की आशंकाएं दूर करें मुझे इस बात की बेहद खुशी है कि ज़ी ने इस बदलाव के लिए मुझे एक प्रवक्ता के रूप में चुना। इससे मुझे अपने फैंस से जुड़ने का एक और अवसर मिला। हम लोग इस दर व्यवस्था की अंतिम तिथि यानी 31 मार्च के करीब आ रहे हैं। ऐसे में हम चाहते हैं कि ज़ी टीवी के दर्शक समझदारी से अपने चैनलों के पैक चुनें ताकि वो बिना किसी रुकावट के, अपनी पसंदीदा कहानियां देख सकें।