जून का पहला हफ्ता कोरोना संक्रमण के लिए राहत भरा, देशभर में कोरोना के मामलों में तेजी से कमी देखी जा रही है। चार जून से लगातार मामले एक लाख से कम देखे जा रहे हैं। लगभग सभी राज्यों में कोविड के मामलों में कमी देखी जा रही है, जिसके बाद राज्य सरकार ने अनलॉक की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कुछ पाबंदियों के साथ बाजार खोले जा रहे हैं। इस स्थिति में सभी को एक जिम्मेदार नागरिक होने का परिचय देना है। बाहर निकलने पर भी कोविड अनुरूप व्यवहार को आदत में शामिल करें। कोविड नियंत्रण में प्रशासनिक तैयारियों के साथ ही व्यक्तिगत तैयारियां ही इस जंग में जीत दिलाएगीं।

कोविड संक्रमण ने लगभग हर स्तर को प्रभावित किया, घनी आबादी के साथ ही ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में लोग संक्रमण का शिकार देखे गए। कोविड के केस कम होने के साथ सरकार नहीं बल्कि एक नागरिक होने के नाते हमारी जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि नैतिक मूल्यों का परिचय देते हुए हम न सिर्फ खुद कोविड अनुरूप व्यवहार का पालन करें, बल्कि अन्य लोगों को इसके लिए प्रत्साहित करें, जिससे दोबारा संक्रमण की गंभीर स्थिति न पैदा हो। बहुत कम समय में सरकार ने अपने दायित्वों का निर्वहन कर वैक्सीन और ऑक्सीजन का बंदोबस्त कर संक्रमण की गंभीर स्थिति से देश को बाहर निकाला। हमारे स्वास्थ्य संसाधन आपात स्थिति के लिए तैयार हैं लेकिन हालात आपात स्थिति तक न पहुंचे यह सभी के प्रयास से तय होगा।

हमें पिछले साल की गलतियों को नहीं दोहराना है, हमें सूक्ष्म स्तर पर प्रयास करने होंगे, स्थानीय निकायों की भागीदारी तय करें। वार्ड स्तर पर निगम पार्षद और ग्रामीण स्तर पर पंचायतों को इसमें शामिल किया जा सकता है, यह देश का शायद पहला ऐसा अभियान होगा जिसमें हमें महिमामंडन किए बिना कोविड अनुरूप व्यवहार का पालन करना है। सामाजिक स्तर पर ऐसे स्वयंसेवक संगठन लोगों को जागरूक करने के लिए आगे आएं। कोविड अनुरूप व्यवहार अपनाने के लिए अपने अधिक संसाधनों की जरूरत नहीं है, दृढ़ इच्छा शक्ति से इस संदेश को आगे बढ़ा सकते हैं कि सामूहिक प्रयास से हम कोविड से जंग जीत सकते हैं। गलत जानकारियों को स्थानीय स्तर पर ही रोका जा सकता है, वैक्सीन खुद भी लगवाएं और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। वैक्सीन लगवाने के बाद भी अनुचित गाइडलाइन का पालन करें।