नयी दिल्ली : गुजरात और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस भले ही हार गयी हो लेकिन पार्टी अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने हार नहीं मानी है. चुनाव परिणाम के बाद मंगलवार को राहुल गांधी संसद पहुंचे और वहां परिसर में मीडिया से बातचीत की. राहुल गांधी ने गुजरात विधानसभा चुनाव के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधे हमला बोलते हुए कहा कि इन नतीजों से उनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठ गया है. उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी की बात को देश नहीं सुन रहा है.
राहुल ने संसद भवन परिसर में मीडिया के सामने कहा, तीन चार महीने पहले जब हम गुजरात गये थे तो कहा गया था कि कांग्रेज भाजपा से नहीं लड़ सकती है. तीन चार महीने में हमने ठोस काम किया. सिर्फ मैंने नहीं, एआईसीसी की टीम और गुजरात के लोगों ने भी और आपने नतीजे देखे हैं. भाजपा को गुजरात में जबरदस्त झटका लगा है. हमारे लिए अच्छा नतीजा है. ठीक है कि हम हार गये. यदि थोड़ा और ठीक करते तो जीत जाते. उन्होंने कहा, मैं गुजरात एवं हिमाचल प्रदेश के लोगों को दिल से धन्यवाद देता हूं. चुनाव जीतने वालों को बधाई देता हूं. मुझे वहां पता चला कि मोदीजी का जो मॉडल है, उसे गुजरात के लोग मानते ही नहीं. प्रचार बहुत अच्छा है. (इसका) मार्केटिंग बहुत अच्छी है पर अंदर से खोखला है. हमने जो अभियान चलाया, उसका वह जवाब नहीं दे पाये. विकास की बात कर रहे हैं पर सच्चाई यह है कि वह उसका जवाब नहीं दे पाये. आपने देखा होगा कि चुनाव से पहले मोदीजी के पास कहने के लिए कुछ रहा नहीं था.
राहुल ने गुजरात चुनाव प्रचार की चर्चा करते हुए कहा, आम तौर पर नेता जाता है और सोचता है कि गुजरात को मैं अपनी बात बताऊं. पर तीन महीने में गुजरात और वहां की जनता ने मुझे काफी सिखाया है. मुख्य बात यही सिखाई कि आपके विपक्ष में जितना भी क्रोध हो, जितना भी धन हो, जितना भी बल हो, उसे आप प्यार से, भाईचारे से टक्कर दे सकते हैं. उन्होंने कहा कि यह बात गांधीजी ने बहुत पहले सिखायी थी. किन्तु यह बात गुजरात में है और बहुत गहरे तक है. आपने गुजरात के चुनाव में जो देखा, यह वही भावना है. उन्होंने कहा कि गुजरात ने भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी को संदेश दिया है कि यह जो गुस्सा-क्रोध आपमें है, वह आपके काम नहीं आयेगा. इसको प्यार हरा देगा. विकास के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इस चुनाव में प्रधानमंत्री ने कहा कि यह विकास का चुनाव है. उन्होंने बोला कि जीएसटी पर मोहर है. यह अजीब सी बात है कि चुनाव के दौरान उनके भाषणों में न तो विकास की बात हो रही थी और न जीएसटी की, न नोटबंदी की. उन्होंने कहा, मोदी जी की विश्वसनीयता पर बहुत बडा सवाल उठ गया है. उनके लिए यह बहुत मुश्किल होगा. वो जो कह रहे हैं. वह देश सुन नहीं रहा है, यह बात गुजरात ने दिखायी है. यह आपको आने वाले समय में बहुत आसानी से दिखेगा. मोदीजी ने भ्रष्टाचार की बात लगातार की. आपने राफेल के मामले में, जय शाह के मामले में एक शब्द भी नहीं बोला.