मुंबई : महाराष्ट्र के पुणे जिले में भीमा कोरेगांव युद्ध के 200 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम को लेकर आक्रोश मंगलवार को भी जारी रहा और प्रदर्शनकारियों ने हार्बर लाइन पर उपनगरीय एवं स्थानीय ट्रेन सेवाएं बाधित कर दीं. प्रदर्शनकारियों में मुंबई के कई इलाकों में सड़कें अवरुद्ध कर दीं, दुकानें बंद करा दीं और एक टेलीविजन समाचार चैनल के पत्रकार पर हमला भी किया.ताजा घटनाक्रम में मध्य रेलवे ने अपने हार्बर कॉरिडोर पर कुर्ला और वाशी के बीच उपनगरीय सेवाएं निलंबित कर दी और सीएसएमटी-कुर्ला एवं वाशी-पनवेल खंड के बीच विशेष सेवाएं चला रही है. मध्य रेलवे के सभी स्टेशनों पर इस सेवा की घोषणा की जा रही है.
कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने महाराष्‍ट्र जातीय हिंसा पर ट्वीट किया. उन्‍होंने इस हिंसा के लिए RSS-भाजपा को जिम्‍मेवार ठहराया. उन्‍होंने अपने ट्वीट में लिखा, RSS और BJP के फासीवादी दृष्टिकोण का केंद्रीय स्तंभ यह है कि दलित भारतीय समाज में निचले स्तर पर बने रहने चाहिए. ऊना, रोहित वेमुला और अब भीमा-कोरेगांव इस प्रतिरोध के प्रबल संकेत हैं.इस बीच भीमराव आंबेडकर के पोते और एक्टिविस्ट प्रकाश आंबेडकर ने बुधवार को महाराष्ट्र बंद का आह्वाहन किया है.
पुणे में हुई जातीय हिंसा की आग महाराष्ट्र के अन्य इलाकों में भी फैल गयी है. मुंबई के अलावा हड़पसर व फुरसुंगी में सरकारी और प्राइवेट बसों पर प्रदर्शकारियों ने पथराव किया. लगभग 134 महाराष्ट्र परिवहन की बसों को नुकसान पहुंचा है. हिंसा की वजह से औरंगाबाद और अहमदनगर बस सेवा ठप हो गयी है. मंगलवार शाम चार बजे के बाद पुणे से अहमदनगर के बीच सभी बस सेवाएं बहाल हो गईं.
विरोध प्रदर्शन को देखते हुए मुंबई के कई हिस्सों में धारा 144 लगा दी गई है. वहीं, मुंबई पुलिस ने राज्य में विभिन्न जगहों से 100 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है. एक अधिकारी ने बताया कि पुणे में सोमवार को युद्ध की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में एक व्यक्ति की मौत से आक्रोशित लोगों के समूहों ने मंगलवार सुबह शहर के पूर्वी उपनगरीय इलाकों चेम्बूर, विखरोली, मानखुर्द और गोवंडी में विरोध प्रदर्शन किया और दुकानों एवं प्रतिष्ठानों को बंद करने पर मजबूर कर दिया.
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि अमर महल इलाके में विरोध प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने एक टीवी समाचार चैनल के एक पत्रकार पर हमला किया. हालांकि वह बच गया. अधिकारी ने कहा कि ईस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे पर प्रियदर्शन, कुर्ला, सिद्धार्थ कॉलोनी और अमर महल इलाकों में सैकडों प्रदर्शनकारियों की भीड जुट गयी और उन्होंने जुलूस निकाला एवं सरकार तथा प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की.
प्रदर्शनकारियों ने हार्बर लाइन के गोवंडी एवं चेम्बूर रेलवे स्टेशनों पर स्थानीय ट्रेन सेवाएं रोक दीं. भीमा-कोरेगांव युद्ध की 200वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में कल कार्यक्रम आयोजित किया गया था जिसके चलते हुई हिंसा की घटनाओं में एक व्यक्ति की मौत हो गयी. युद्ध में ईस्ट कंपनी कंपनी के बलों ने पेशवा की सेना को हराया था. दलित नेता ब्रितानियों की जीत का जश्न मनाते हैं क्योंकि माना जाता है कि उस समय अछूत समझे जाने वाले महार समुदाय के लोग ईस्ट इंडिया कंपनी की फौज में सैनिक थे.