कोलकाता। अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस के मौके पर शनिवार को पश्चिम बंगाल सरकार के राज्य शिक्षा विभाग ने दावा किया है कि चाय बागान क्षेत्रों में बच्चियों की शिक्षा स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। विभाग की ओर से सरकार ने विज्ञप्ति जारी कर दावा किया है कि बच्चियों की शिक्षा के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की महत्वाकांक्षी योजना ‘कन्याश्री’ की वजह से चाय बागान क्षेत्रों के अधिकतर स्कूलों में छात्राओं की शिक्षा स्थिति में सुधार हुआ है। लड़कियों की संख्या छात्रों की तुलना में काफी अधिक है जो पूरे देश को राह दिखाने वाली है। हालांकि विभाग की ओर से कोई आंकड़ा जारी नहीं किया गया है। शनिवार को इस बारे में जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि लड़कियों की शिक्षा की स्थिति में बंगाल के चाय बागान क्षेत्रों के स्कूलों में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है। इन स्कूलों में लड़कियों की संख्या, जो मुख्य रूप से चाय बागान मजदूरों की बेटियां हैं, ने लड़कों की संख्या को पीछे छोड़ दिया है।

यह कन्याश्री योजना का नतीजा है, जो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने छात्राओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए शुरू की थी। बाकी राज्य की तरह, यहां भी, इस योजना का लड़कियों को सशक्त बनाने में बहुत बड़ा प्रभाव पड़ा है। बच्चों में शिक्षा के प्रति आत्मविश्वास जगा है।

इस योजना के तहत सरकार द्वारा दिए गए मौद्रिक लाभ की वजह से जो अभिभावक पहले अपनी बच्चियों को स्कूल नहीं भेजना चाहते थे वे अब बढ़-चढ़कर बच्चों को स्कूल भेज रहे हैं। खासकर उत्तर बंगाल के चाय बागानों में मौजूद स्कूलों में बड़ी संख्या में छात्राओं की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।