नई दिल्ली। ऑमंड बोर्ड ऑफ कैलिफोर्निया ने आज ली मेरेडियन, नई दिल्‍ली में एक पैनल चर्चा का आयोजन किया जिसका विषय था ‘पारिवारिक स्वास्थ्य सुनिश्चित करने में कामकाजी माताओं की दुविधा’. कामकाजी माताओं की जरूरतों को समझते और उन्‍हें विश्लेषित करते हुए यह चर्चा उन चुनौतियों पर केन्द्रित रही जिसका सामना कामकाजी महिलाओं को न केवल अपने परिवार के लिए बल्कि अपने जीवन में सेहतमंद जीवनशैली बरकरार रखने में करना पड़ता है.

आज की इस तेज रफ्तार जिंदगी में एक महिला कई भूमिकाएं निभाती हैं, जैसे कि एक माता, एक पत्नी, एक देखभाल करने वाली महिला, एक बेटी, एक बहू, सहकर्मी या वरिष्ठ की. पैनल में छोटे और प्रासंगिक बदलावों पर प्रकाश डाला गया है जिन्‍हें कामकाजी महिलाएं अपनी और अपने परिवार की दैनिक जीवनशैली में आसानी से शामिल कर सकती हैं और साथ ही इससे सकारात्मक परिणाम भी सुनिश्चित कर सकती हैं.

इस चर्चा में ग्लोबल आइकन, प्रियंका चोपड़ा की मां, डॉ. मधु चोपड़ा, प्रबंध निदेशक, स्टूडियो एस्थेटिक, फिटनेस एंड पिलेट्स एक्सपर्ट, माधुरी रुइया, जानी-मानी आहार सलाहकार और पोषण विशेषज्ञ शीला कृष्णस्वामी ने भाग लिया और रेडियो मिर्ची की आरजे शेज़ी ने पैनल का संचालन किया.

इस कार्यक्रम के दौरान, डॉक्टर मधु चोपड़ा, प्रबंध निदेशक, स्टूडियो एस्थेटिक और प्रियंका चोपड़ा की माँ ने कहा, ‘‘इन दिनों कामकाजी माताओं के कंधों पर बहुत सी जिम्मेदारियां हैं. पूरे भारत के अधिकांश परिवारों में माताएं ही प्राथमिक केयरगिवर होती हैं जिन्‍हें अपने परिवार के संपूर्ण स्‍वास्‍थ्‍य को सुनिश्चित करना होता है. अपने पूरे परिवार की निरंतर वह देखभाल प्रदान करने के साथ ही, वह दिन का लंबा समय काम में भी बिताती हैं, ऐसे में एक कामकाजी माता के लिए यह बहुत महत्‍वपूर्ण हो जाता है कि वह अपने खुद के स्वास्थ्य, नींद एवं डाइट पर पूरा ध्‍यान देने के लिए पर्याप्‍त समय निकाले. इसलिए, एक माता की रोजमर्रा की जिन्दगी में एक मुट्ठी बादाम जोड़ कर उनकी प्रतिदिन की स्वस्थ आहार की जरुरत पूरी की जा सकती है. रोजाना सुबह बादाम खाना अपने परिवार की एक नियमित आदत बनाएं.’’

पिलेट्स विशेषज्ञ और आहार एवं पोषण सलाहकार माधुरी रुइया ने कहा, ‘‘अपने बच्चों, पति, और सास-ससुर का ख्याल रखने और काम के दबाव के बीच संतुलन बिठाने के दौरान यह बिलकुल संभव है कि आप अपने बारे में भूल ही जाएं. हालांकि यदि इसकी समय पर जांच नहीं हो, और इसे लगातार नजरअंदाज किया जाता रहे तो लंबे समय में इसकी परिणिति थकान, चिड़चिड़ाहट और बड़े चिकित्‍सा मामलों में हो सकती है। शहरी, कामकाजी युवा माताओं को सेहतमंद बनाए रखने के लिए उचित पोषक तत्वों से भरपूर आहार और नियमित व्यायाम बड़ी भूमिका निभा सकते हैं. बादाम ऊर्जा का एक स्‍वास्‍थ्‍यवर्धक स्रोत हैं जो आपको सक्रिय रखते हैं. यह विटामिन ई, कैल्शियम, अच्‍छे फैट, डाइटरी फाइबर और प्‍लांट प्रोटीन जैसे कई आवश्यक पोषक तत्वों का प्राकृतिक स्रोत है, जो अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता हैं.’’

पोषण विशेषज्ञ, शीला कृष्णस्वामी ने कहा, ‘‘जैसे –जैसे भारत में अधिकाँश महिलाएं काम करने लगी हैं, मैं ऐसी स्त्रियों के संपर्क में आई हूँ जिन्हें लगता है कि, वे अपने परिवार के स्वास्थ्य और बेहतरी के लिए पर्याप्त काम नहीं कर पा रही हैं. मैं हमेशा कामकाजी माताओं को एक सरल लेकिन महत्‍वपूर्ण बदलाव करने की सलाह देती हूँ कि वे इस बात के प्रति सतर्क रहें कि उनका परिवार नाश्ते में क्या खा रहा है. स्वास्थ्यवर्धक नाश्ता करना न केवल भूख को दूर रखता है बल्कि आपके परिवार के संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए अधिक पोषक विकल्प उपलब्ध कराता है.’’