नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता आनंद सिंह बिष्ट का दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में सोमवार सुबह 10:44 बजे निधन हो गया। उत्तराखंड स्थित पैतृक गांव में मंगलवार को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी के पिता को लिवर और किडनी की समस्या थी। परेशानी बढ़ने पर 13 मार्च को उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था। अस्पताल के गेस्ट्रो विभाग के डॉक्टर विनीत आहूजा की टीम उनका इलाज कर रही थी।

रविवार देर रात तक उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई थी। उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था और डायलिसिस भी कराया गया था। जिस समय सीएम योगी को पिता के निधन की सूचना मिली उस वक्त वो 11 समितियों के अध्यक्षों के साथ कोरोना वायरस की समीक्षा बैठक कर रहे थे। सूचना मिलने के बाद करीब आधे घंटे तक वो बैठक करते रहे।

प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, सरकार के सभी मंत्रियों, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू व अन्य विपक्षी दलों के नेताओं और भाजपा नेताओं ने सीएम योगी के पिता के निधन पर दु:ख व्यक्त किया है।

 

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता आनंद सिंह बिष्ट के निधन पर सोमवार को दुख जताया और परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ” उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के पिता आनंद सिंह बिष्ट जी के निधन पर मेरी गहरी संवेदनाएं। ईश्वर इस दुख की घड़ी में परिजनों को कष्ट सहने का साहस दे।’ कांग्रेस के कई अन्य नेताओं ने भी योगी के पिता के निधन पर दुख प्रकट किया। आनंद सिंह बिष्ट का सोमवार सुबह निधन हो गया। उनकी तबीयत काफी समय से खराब थी और दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में उनका इलाज चल रहा था।

पिता के निधन पर योगी आदित्यनाथ ने एक पत्र जारी कर कहा कि मुझे इस बात का बहुत दुख है। अंतिम क्षणों में उनके दर्शन की हार्दिक इच्छा थी, लेकिन वैश्विक महामारी के खिलाफ देश की लड़ाई में उत्तर प्रदेश की 23 करोड़ जनता के हित में आगे बढ़ने के कर्तव्यबोध के कारण मैं ऐसा न कर सका। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन की सफलता और कोरोना को हराने की रणनीति के कारण वो  कल अंतिम संस्कार के कार्यक्रम में भी भाग नहीं ले पाएंगे। इसके साथ ही सीएम योगी ने अपनी मां और परिवारवालों से अपील की है कि वे भी लॉकडाउन का पालन करें और यह सुनिश्चित करें कि अंतिम संस्कार में कम से कम लोग शामिल हों।