“जब लड़कियों को शिक्षित किया जाता है, तो उनके देश मजबूत और अधिक समृद्ध होते हैं।” – मिशेल ओबामा

भारत जैसे देश में लड़कियों को देवी के रूप में पूजा जाता है लेकिन इसी देश में कई लड़कियों की उनके जन्म से पहले ही हत्या कर दी जाती है। भारत में कन्या भ्रूण हत्या एक आम मुद्दा है क्योंकि लड़कियों को उनके परिवारों पर बोझ के रूप में माना जाता है। इन मुद्दों पर काबू पाने के लिए सरकार ने कई कानून बनाए लेकिन ऐसा लग रहा था कि अधिक गंभीर दंडनीय कानूनों को लागू किया जाना चाहिए।

आज राष्ट्रीय बालिका दिवस, महिला और बाल विकास मंत्रालय की एक पहल की घोषणा वर्ष 2008 में की गई थी। इस दिन को शुरू करने का उद्देश्य देश भर  बाल लिंग अनुपात और लड़कियों के लिए एक सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण बनाने के महत्व के बारे में लोगों को शिक्षित करने के लिए जागरूकता अभियानों और कार्यक्रमों के साथ पूरे देश में इस दिन को चिह्नित किया जाता है। भारत सरकार ने लड़कियों की शिक्षा और उनके लिए एक सुरक्षित वातावरण के निर्माण के बारे में कई जागरूकता अभियान भी शुरू किए हैं।

राष्ट्रीय बालिका दिवस को मनाने के लिए 24 जनवरी का दिन इसलिए चुना गया क्योंकि इसी दिन साल 1966 में इंदिरा गांधी ने भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली थी

इस दिन को शुरू करने का उद्देश्य देश भर  बाल लिंग अनुपात और लड़कियों के लिए एक सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण बनाने के महत्व के बारे में लोगों को शिक्षित करने के लिए जागरूकता अभियानों और कार्यक्रमों के साथ पूरे देश में इस दिन को चिह्नित किया जाता है। भारत सरकार ने लड़कियों की शिक्षा और उनके लिए एक सुरक्षित वातावरण के निर्माण के बारे में कई जागरूकता अभियान भी शुरू किए हैं।

यह दिन देश की लड़कियों को सभी प्रकार की सहायता और अवसर प्रदान करने के लिए मनाया जाता है। इसका उद्देश्य बालिकाओं के अधिकारों के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देना और बालिका शिक्षा के महत्व और उनके स्वास्थ्य और पोषण के बारे में जागरूकता बढ़ाना है

 बालिका दिवस पर बेटियों का संदेश:

वेरोनिका वर्मा -छोटी बच्ची भी समाज को प्रोत्साहित और सशक्त बनाने में सक्षम है। राष्ट्रीय बालिका दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

ऐलिना मलिक– बेटी को बचाएं और उसका सम्मान करें क्योंकि वह आपके परिवार और समाज का भविष्य है।

समृद्धि– लड़की वो होती हैं जो साहस, दृढ़ संकल्प, त्याग, प्रतिबद्धता, प्रतिभा और प्यार से बनी होती हैं।

प्रतिष्ठा -हम अपने देश को अगले स्तर पर ले जा सकते हैं, हम साहसी और बुद्धिमान हैं

वेदान्शी– हमें खुशी है कि हम लड़कियों का सम्मान करने वाले माता-पिता के घर पैदा हुए