मैं किसी राज्य में नहीं अपने राज्य में आया हूं : नरेन्द्र मोदी

The Prime Minister, Shri Narendra Modi flagging off the Metro Magenta Line from Botanical Garden to Kalkaji Mandir, at Noida, Uttar Pradesh on December 25, 2017.
The Governor of Uttar Pradesh, Shri Ram Naik, the Chief Minister, Uttar Pradesh, Yogi Adityanath, the Minister of State for Culture (I/C) and Environment, Forest & Climate Change, Dr. Mahesh Sharma, the Minister of State for Housing and Urban Affairs (I/C), Shri Hardeep Singh Puri and other dignitaries are also seen.

नोएडा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को अंधविश्वास और दकियानुसी मानसिकता से ऊपर उठकर देश में विकास की ऐसी राजनीति शुरू करने का आह्वान किया जिसमें जनहित सर्वोपरि हो। उन्होंने कहा कि ‘मेरा क्या, मुझे क्या’ की मानसिकता से देश का बहुत नुकसान हुआ है तथा राजनीतिक नफा-नुकसान के आधार पर विकास को तोले जाने से देश की विकास यात्रा प्रभावित हुई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को मजेंटा लाइन के बॉटनिकल गार्डन से कालकाजी तक के हिस्से का उद्घाटन किया। उन्होंने नोएडा की एमेटी विश्वविद्यालय के प्रांगण में आयोजित एक कार्यक्रम में हरी झंडी दिखाकर मेट्रो को रवाना किया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस अवसर पर देशवासियों को क्रिसमस की बधाई देते हुए कहा कि यीशु द्वारा दिए गए मानवता के सन्देश का हम सभी को लाभ मिल है। उन्होंने महामना मदन मोहन मालवीय और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि आज दो-दो भारत रत्न का जन्मदिवस है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह हम सबके लिए ‎गर्व की बात है कि 15 साल पहले अटलजी ने देश में पहली मेट्रो ट्रेन में सफर किया था।
प्रधानमंत्री ने विकास कार्यक्रमों पर होने वाली राजनीति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि आज के विकास कार्यक्रम जनहित की जगह राजनीतिक हितों के तराजू पर तोले जाते हैं। उन्होंने कहा कि हमेशा से कहा जाता है कि देश साधन सम्पन्न नहीं है। असल में देश साधन सम्पन्न हैं लेकिन देशवासियों को उससे दूर रखा गया है। इसका सबसे बड़ा कारण है सुशासन का अभाव। मेरा क्या और मुझे क्या की समस्या से निपटने के लिए वह सुशासन पर जोर देती है। आज उनकी सरकार में नीति स्पष्ट, नीयत साफ और गुड गवर्नेंस पर जोर से रेलवे लाइन बिछाने का काम दोगुना हो गया।
‘शेरशाह सूरी के बाद अटल हैं सड़क निर्माता’
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्व ‎प्रधानमंत्री अटल विहारी बाजपेयी को देश में विकास के लिए सड़कों का जाल बिछाने वाला बताते हुए कहा कि ग्राम सड़क योजना उनकी सरकार ही लेकर आई थी। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए वर्तमान सरकार ने निर्णय लिया है कि 2019 तक देश के सभी गांवों तक सड़क पहुंचनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शेर शाह सूरी को एक समय सड़क निर्माण के लिए जाना जाता था अब उसी तर्ज पर अटल जी की ‘स्वर्णिम चतुर्भुज’ योजना को जाना जाता है।
‘भगवा पिछड़ेपन का प्रतीक नहीं, योगी ने तोड़ा अंधविश्वास’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के कपड़ों से उनके रूढ़िवादी सोच का होने का भ्रम फैलाया जाता है किंतु उन्होंने नोएडा आकर इस अंधविश्वास और भ्रम को तोड़ा है कि इस सूबे का मुख्यमंत्री रहते हुए कोई यहां नहीं आ सकता। इतना ही नहीं, मोदी ने यह भी कहा कि अगर कोई मुख्यमंत्री रहते अपने राज्य के किसी स्थान पर नहीं जा सकता तो उसे पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं। उन्होंने योगी को बधाई देते हुए कहा कि इस अंधविश्वास को योगी जी ने तोड़ा है, इसके लिए मैं हृदय से उनको बधाई देता हूं। उन्होंने कहा कि मान्यताओं में कैद कोई भी समाज उन्नति नहीं कर सकता। जब मैं गुजरात का मुख्यमंत्री बना तो मुझे भी कुछ जगहों पर नहीं जाने की सलाह दी गई। मैंने उन सुझावों को दरकिनार किया और अपने शासन के पहले साल में ही उन जगहों पर गया जहां कोई नहीं जाता था।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि वह किसी राज्य में नहीं आए हैं बल्कि वह अपने गृह राज्य में आए हैं। उन्होंने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि उनके पूर्व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि प्रधानमंत्री जब भी किसी राज्य में आते हैं तो वह अपने आप में एक उत्सव का अवसर होता है। वहीं प्रधानमंत्री ने जब अपनी बात रखी तो उन्होंने शुरुआत में अपने आपको उत्तर प्रदेश का बताया। यह सुनकर योगी आदित्यनाथ थोड़ा हंसे । प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने उन्हें गोद लिया है। उत्तर प्रदेश में बनारस से उन्हें लड़ने का अवसर प्रदान कर नई जिम्मेदारियां में ढाला है। उत्तर प्रदेश ने देश को स्थिर सरकार देने में मदद की है ।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि पेट्रोल की खपत को कम करने और उसके आयात पर निर्भरता कम करने के लिए हमें सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना होगा। उन्होंने कहा कि ‘मास, मल्टी, रैपिड ट्रांसपोर्ट’ आज के समय की बड़ी मांग है जिसका आने वाले समय में लाभ होगा। उन्होंने कहा कि दो हजार मेगावाट ऊर्जा का उत्पादन सोलर ऊर्जा से होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वह दिन दूर नहीं है जब इस देश की मेट्रो दुनिया के पांच सबसे बड़ी मेट्रो में शुमार होगी। उन्होंने कहा कि इस मेट्रो में टॉप बिजनेस मैन सफर नहीं करेंगे, यह आप जैसे सामान्य जन के लिए है और वह स्वयं इसकी के लिए यहां आये हैं।
‘ज्यादा कानून सुशासन की राह में रोड़ा’
प्रधानमंत्री ने ‎कानून के जाल को सुशासन के रास्ते मे रोड़ा करार देते हुए कहा, ‘उन्होंने सोचा था कि वह रोज एक दिन काननू खत्म करेंगे। उनकी सरकार अब तक 1200 कानून खत्म हो चुकी है। इन कानून का लाभ उठाकर अफसर काम को लटका दिया करते थे। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने आते ही सख्ती की और अफसरों को समय का पाबंद होना सिखाया । उन्होंने कहा कि ‎अफसर समय से ऑफिस आने लगे तो खबर बनने लगी, लोग खुश होने लगे।

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