जापान बनेगा यूपी इन्वेस्टर्स समिट में कन्ट्री पार्टनर

लखनऊ| प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने कहा कि राजधानी मंे 21-22 फरवरी को, दो दिवसीय आयोजित होने वाली उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर्स समिट-2018 की तैयारियों मंे कोई कोर कसर न छोड़ने के निर्देश दिए हैं। समिट के आयोजन से संबंधित समस्त कार्य समय से पूर्ण करा लिये जायं। उन्होंने कहा कि इस इन्वेस्टर्स समिट के आयोजन से राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर सकारात्मक संदेश जायेगा और बड़ी संख्या में उद्यमी एवं निवेशक उत्तर प्रदेश में निवेश हेतु आकर्षित होंगे।
श्री महाना यहां इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर्स समिट-2018 की तैयारियों की गहन समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जापान ने इस समिट में कन्ट्री पार्टनर के रूप में शामिल होने की स्वीकृति दे दी है। तीन पार्टनर कंट्री नीदरलैण्ड, स्लोवाकिया तथा फिनलैण्ड के उद्योगपति इस समिट में शामिल होने की पहले ही स्वीकृति दे चुके है। अन्य देशों से भी जल्द ही सहमति मिल जायेगी। उन्होंने कहा कि समिट के दौरान एक लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया है। देश के विभिन्न शहरों में आयोजित हुए रोड शो के अच्छे परिणाम मिले है और एक लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश की सम्भावना भी बनी है। रोड-शो में बड़े घरानों के उद्योगपतियों ने स्वयं ही प्रदेश में निवेश की इच्छा जताई है। इस लिहाज से यह समिट और भी महत्वपूर्ण हो गई है। इसके आयोजन में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के सख्त निर्देश दिए हैं। श्री महाना ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि उद्यमियों एवं निवेशकों की उद्यम स्थापना आदि में आ रही कठिनाइयों का समाधान प्राथमिकता से किया जाय। उन्होंने कहा कि लैण्डयूज पालिसी, फ्रीहोल्ड पालिसी तथा बिल्डिंग बायलाज को समय से तैयार कर लिया जाय। उद्योगपतियों एवं निवेशकों के मन में किसी भी प्रकार के शक की गुंजाइश न रहे। सरकार ने उद्योग नीति को पहले ही पारदर्शी और व्यवहारिक बनाया है । उन्होंने कहा कि एक फरवरी के बाद से अब कोई बैठक नहीं होगी, बल्कि इन्वेस्टर्स समिट से संबंधित कार्यों को जमीनी स्तर पर देखा जायेगा। उन्होंने कहा कि इस समिट में भाग लेने वाले अतिथियों को जो भी स्मृति चिन्ह प्रदान किये जायं, वे उत्तर प्रदेश की संस्कृति से जुड़े होने चाहिए।
औद्योगिक विकास मंत्री ने निर्देश दिए कि उत्तर प्रदेश के सभी बड़े शहरों में इन्वेस्टर्स समिट के आयोजन के संबंध में होर्डिंग तथा इलेक्ट्रानिक डिस्प्ले के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाय। सोशल मीडिया के माध्यम से भी इसका प्रचार-प्रसार किया जाय। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चैबंद बनाये रखने के लिए राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में करीब 400 सी0सी0टी0वी0 कैमरे लगाये जायेंगे। चिकित्सा सुविधा एवं एम्बुलेंस की सुचारू व्यवस्था की जाय, ताकि आवश्यकता पड़ने पर किसी भी प्रकार की दिक्कत न उठानी पड़े। उन्होंने वी0आई0पी0 के लिए एस्कार्ट और पायलेट की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए है।
श्री महाना ने कहा कि समिट में केन्द्रीय मंत्री, पार्टनर देशों के प्रतिनिधि, देश केे ख्याति प्राप्त उद्योगपतियों के अलावा विभिन्न देशों के राजदूत तथा उनके प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। इन अतिथियों के ठहरने आदि के बेहतर प्रबंध सुनिश्चित किये जायं। उन्होंने कहा कि इस समिट में देश-विदेश के औद्योगिक घराने एवं उद्यमी आ रहे हैं। इसलिए शहर में साफ-सफाई की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाया जाय, जिससे राजधानी के बारे में एक अच्छा संदेश जाये। प्रचार-प्रसार रणनीति के विषय में बताते हुए प्रमुख सचिव, सूचना एवं जनसम्पर्क-श्री अवनीश अवस्थीने बताया कि लखनऊ, दिल्ली, मुम्बई आदि महानगरोें में इन्वेस्टर्स समिट की ब्रांडिंग सक्रिय रूप से की जाएगी। इसके अतिरिक्त सभी निवेशोन्मुख विभागों व सेक्टरों परफिल्में बनाई जा रही हैं। उन्होंने समिट के माडिया पार्टनर क्रेयोन्स एडवर्टाइज़िंग को निर्देशित किया कि वे सेशियल, प्रिन्ट व इलेक्ट्राॅनिक मीडिया में व्यवस्थित रूप से व्यापक प्रचार-प्रसार करना प्रारम्भ कर दें। श्री अवस्थी ने बताया कि 01 फरवरी से हर दूसरे दिन समिट से सम्बन्धित माडिया ब्रीफिंग होगी तथा समिट से पूर्व 15 दिनों तक प्रतिदिन मीडिया ब्रीफिंग प्रस्तावित है।

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