डॉक्टरों की हड़ताल खत्म

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने नेशनल मेडिकल कमीशन विधेयक को संसद की स्थायी समिति को सौंप दिया है. द हिंदू के अनुसार लोकसभा को इसकी जानकारी देते हुए संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने कहा कि सांसदों और चिकित्सा क्षेत्र के लोगों की आपत्तियों को देखते हुए यह फैसला किया गया है. इसके बाद इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की तमिलनाडु शाखा ने कहा कि सरकार ने उनकी मांगे मानते हुए विधेयक को स्थायी समिति को सौंप दिया है, इसलिए वे अस्थायी तौर पर अपनी हड़ताल खत्म कर रहे हैं. आईएमए ने इस विधेयक को गरीब विरोधी और अलोकतांत्रिक बताया था और इसके विरोध में मंगलवार को 12 घंटे की हड़ताल कर दी थी. इससे देश भर में ओपीडी सेवाओं पर बुरा असर पड़ा था.
नेशनल मेडिकल कमीशन विधेयक को बीते शुक्रवार को लोकसभा में पेश किया गया था. इसके तहत मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) की जगह ‘नेशनल मेडिकल कमीशन’ लाने का प्रस्ताव है. इसके अलावा ब्रिज कोर्सेज के जरिए होम्योपैथी और आयुर्वेद जैसे क्षेत्रों के डॉक्टरों को एलोपैथी की दवाएं लिखने का अधिकार देने का भी प्रावधान है. आईएमए इन दोनों प्रावधानों के खिलाफ है.
सोमवार को आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ केके अग्रवाल ने कहा था कि दूसरे क्षेत्रों के डॉक्टरों को एलोपैथी की दवाएं लिखने का अधिकार देने से नीमहकीमी को बढ़ावा मिलेगा. उन्होंने यह भी कहा था कि एमसीआई एक लोकतांत्रिक संस्था है, जिसकी जगह सरकार द्वारा नामित सदस्यों के बहुमत वाले नेशनल मेडिकल कमीशन को बनाने का फैसला पीछे ले जाने वाला कदम होगा. हालांकि, मंगलवार को राज्यसभा में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने इस विधेयक को डॉक्टरों के हित में बताया था.

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