समृद्धि भटनागर

नई दिल्ली। त्रिपुरा विधानसभा चुनाव के लिए हो रही मतगणना में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसकी गठबंधन पार्टी इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा राज्य में सरकार बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। राज्य में बीते 25 वर्षो में सत्तासीन मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व में वाममोर्चा सत्ता से बेदखल होता दिख रहा है। त्रिपुरा में बीजेपी के लिए योगी फैक्टर जादू लेकर आया। यहां पर उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के चुनाव प्रचार का असर नतीजों पर दिख रहा है। योगी आदित्य नाथ ने त्रिपुरा में 12 और 13 फरवरी के बीच राज्य के 9 विधानसभा क्षेत्रों में प्रचार किया था। बीजेपी इनमें से 7 सीटें जीततीं नजर आ रही हैं। बता दें कि त्रिपुरा में नाथ संप्रदाय के लोगों की अच्छी खासी आबादी है। आदित्यनाथ गोरखपुर स्थित नाथ संप्रदाय के ही महंत हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक त्रिपुरा में बंगालियों की आबादी में 35 फीसदी नाथ संप्रदाय को मानते हैं। बीजेपी ने इन वोटरों को अपनी ओर लाने के लिए नाथ बहुल इलाकों में सीएम योगी आदित्यनाथ से चुनाव प्रचार करवाया था। सीएम योगी ने धरमनगर में रैली के साथ गोरखनाथ मंदिर में पूजा भी की थी। इसके अलावा योगी आदित्यनाथ ने जुवराजनगर, धरमनगर, अगरतला, कंचनपुर, कमलपुर, खायरपुर, मुजलिशपुर, सबरूम और पबिचेरा में रैलियां की और रोड शो किये।
त्रिपुरा के नतीजों के मुताबिक अगरतला से बीजेपी के सुदीप रॉय बर्मन, खायेरपुर से बीजेपी के रतन चक्रबर्ती, मजलिसपुर से बीजेपी के ही सुशांत चौधरी चुनाव जीत चुके हैं। जबकि धरमनगर से बीजेपी कैंडिडेट विश्वबंधु सेन, कंचनपुर से बीजेपी की सहयोगी IPFT के प्रेम कुमार रेनांग, कमलपुर से बीजेपी के मनोज कांति देब आगे चल रहे हैं। इसके अलावा सबरूम में भी बीजेपी कैंडिडेट शंकर रॉय, पाबिचेरा से बीजेपी उम्मीदवार भगवान दास भी अपने अपने निकटतम प्रतिद्वंदियों से आगे चल रहे हैं।