समृद्धि भटनागर

बेंगलुरु : कर्नाटक में भाजपा विधायक दल के नेता बी एस येद्दियुरप्पा ने आज मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. सरकार बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में रातभर चली हाई वोल्टेज कानूनी लड़ाई के बाद येद्दियुरप्पा तीसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री बने. लिंगायत समुदाय में खासा प्रभाव रखने वाले 75 वर्षीय येद्दियुरप्पा को राज्यपाल वजुभाई वाला ने राजभवन में एक समारोह में पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलायी. येद्दियुरप्पा के शपथ लेते समय समर्थकों के बीच जबरदस्त उत्साह था. कोर्ट ने येद्दियुरप्पा के शपथ लेने पर रोक लगाने से इनकार किये जाने के कुछ घंटों बाद ही भाजपा नेता ने अकेले शपथ ली.
शपथग्रहण समारोह में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, धर्मेंद्र प्रधान और प्रकाश जावड़ेकर सहित कई नेता मौजूद थे. शपथ ग्रहण समारोह के बाद येदियुरप्पा ने विक्टरी साइन दिखाया. गौर हो कि उन्होंने तीसरी बार सूबे के मुख्‍यमंत्री पद की शपथ ली है. वे शिकारीपुरा चुनाव जीतकर आये हैं.
येदियुरप्पा के शपथग्रहण के पहले कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने भाजपा पर करारा प्रहार किया. उन्होंने अपने ट्विटर वॉल पर लिखा कि बहुमत न होने के बाद भी भाजपा की सरकार बनना संविधान का मजाक उड़ाना है. आज सुबह जब भाजपा अपनी खोखली जीत का जश्न मना रही होगी तो भारत लोकतंत्र की हार का शोक मनाएगा. वहीं, बेंगलुरु में कांग्रेस के विधायक और नेता गुलाम नबी आजाद, अशोक गहलोत और सिद्धारमैया विधानसभा परिसर में स्थित गांधी की प्रतिमा के पास प्रदर्शन करने के लिए जमा हुए हैं और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि कर्नाटक के राज्यपाल ने लोकतंत्र की हत्या की है.
सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद से ही समर्थक येदियुरप्पा के घर के बाहर जुटने शुरू हो गये थे. वहीं दूसरी ओर सुबह से ही भाजपा समर्थक राजभवन के सामने जुट चुके थे. समर्थक राजभवन के बाहर ‘भारत माता की जय’ और ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगा रहे थे. शपथग्रहण के पहले भाजपा नेता अनंत कुमार ने कहा कि हमें समर्थन मिलेगा और सदन में हम अपना बहुमत साबित कर देंगे.
यहां चर्चा कर दें कि सुप्रीम कोर्ट ने भाजपा द्वारा राज्यपाल को भेजा पत्र उसके समक्ष पेश करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने कहा है कि मामले पर फैसला करने के लिए भाजपा द्वारा राज्यपाल को भेजे पत्र का अवलोकन करना आवश्यक है. सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार ( कल ) सुबह साढ़े दस बजे एक बार फिर मामले पर सुनवाई करेगा. सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस-जेड ( एस ) की याचिका पर कर्नाटक सरकार और येद्दियुरप्पा को नोटिस भेजा.
कोर्ट ने रातभर चली दुर्लभ सुनवायी के बाद येद्दियुरप्पा के कनार्टक के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था. देर रात दो बजकर 11 मिनट से गुरुवार सुबह पांच बजकर 58 मिनट तक चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि राज्य में शपथ ग्रहण और सरकार के गठन की प्रक्रिया न्यायालय के समक्ष इस मामले के अंतिम फैसले का विषय होगा. सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति ए के सीकरी, न्यायमूर्ति एस के बोबडे और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की एक विशेष पीठ ने कहा कि न्यायालय बी एस येद्दियुरप्पा के शपथ ग्रहण समारोह पर रोक लगाने के संबंध में कोई आदेश नहीं दे रहा है. अगर वह शपथ लेते हैं तो यह प्रक्रिया न्यायालय के समक्ष इस मामले के अंतिम फैसले का विषय होगा.
येद्दियुरप्पा के पास विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का समय है. सदन में भाजपा के पास 104 विधायक हैं जो बहुमत के 112 के आंकड़े से आठ विधायक कम है. कर्नाटक की 224 विधानसभा सीटों में से 222 सीटों के लिए मतदान हुआ था. जयनगर सीट पर भाजपा उम्मीदवार के निधन के बाद चुनाव रद्द कर दिया गया जबकि आर आर नगर सीट पर कथित चुनावी कदाचार के चलते मतदान 28 मई के लिए टाल दिया.