नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव में नोटा का इस्तेमाल करने की अपील को लेकर आलोचनाओं का सामना करने वाले स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने शनिवार को स्पष्ट किया कि उनके संगठन की यह अपील सिर्फ दिल्ली तक ही सीमित है। स्वराज इंडिया के उपाध्यक्ष अनुपम ने कहा कि उनकी पार्टी ने नोटा का इस्तेमाल करने की हिमायत इसलिए की है, क्योंकि दिल्ली की तीनों अहम सियासी पार्टियां (आप, भाजपा और कांग्रेस) अपने वादे पूरे करने में नाकाम रही हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा एक मात्र ऐसी पार्टी है जो नोटा से डरती है।

इस महीने के शुरू में यादव के स्वराज इंडिया ने कहा था कि वह राष्ट्रीय राजधानी में नोटा के इस्तेमाल करने का समर्थन करता है। अनुपम ने कहा कि इसे राष्ट्रव्यापी अपील समझा गया जिस वजह से आलोचना हुई। यादव ने एक बयान में कहा, आगामी लोकसभा चुनावों में नोटा के उपयोग को लेकर स्वराज इंडिया की दिल्ली इकाई के रुख से कई सवाल उठे और आलोचना भी हुई। उन्होंने कहा कि स्वराज इंडिया इस फीडबैक का स्वागत करता है। हमारी तरफ से कुछ ग़लतफ़हमी हुई जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हुई। हमें इसका खेद है। दिल्ली इकाई द्वारा घोषित रुख राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र तक सीमित है।