बेलडांगा/भगवानगोला (पश्चिम बंगाल)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को कांग्रेस पर चुनाव जीतने के लिये राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की मदद लेने का आरोप लगाया और लोगों से अनुरोध किया कि वे कांग्रेस, भाजपा और वाम के “घातक” गठजोड़ को हराएं। तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने 2018 में नागपुर में संघ के एक कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के हिस्सा लेने का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि संघ उनके बेटे और कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत मुखर्जी के लिए प्रचार कर रहा है।

बनर्जी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस ने उन्हें राज्य में आरएसएस के बढ़ने के लिए जिम्मेदार बताया। पश्चिम बंगाल कांग्रेस समित के अध्यक्ष सोमेन मित्रा ने पीटीआई से कहा कि आरएसएस कांग्रेस का सहयोग नहीं कर रहा है बल्कि पश्चिम बंगाल में यह सत्तारूढ़ दल (टीएमसी) को बचा रहा है। मुख्यमंत्री बनर्जी ने मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में एक चुनावी सभा में कहा, “भानुमति का पिटारा खोलने के लिये मुझे बाध्य मत कीजिए। कांग्रेस की समूची योजना का खुलासा हो जाएगा।” बनर्जी ने कहा, “बहरामपुर कांग्रेस उम्मीदवार अधीर चौधरी की वाम और भाजपा के सहयोग से चुनाव जीतने की रणनीति इस बार सफल नहीं होगी…लोगों को ऐसे संदिग्ध चरित्र वाली पार्टी को वोट नहीं करना चाहिए।”

कांग्रेस को छोड़कर तृणमूल में शामिल होने वाली अपूर्वा सरकार (डेविड) बहरामपुर से चौधरी के खिलाफ पार्टी की उम्मीदवार हैं। बनर्जी ने आरोप लगाया, “संघ अभिजीत मुखर्जी के लिए जंगीपुर और अधीर चौधरी के लिये बहरामपुर में प्रचार कर रहा है जबकि माकपा पहले ही भाजपा के हाथों बिक चुकी है।” उन्होंने दावा किया, “कांग्रेस-वाम-भाजपा गठजोड़ की चालबाजी को बंगाल के लोगों द्वारा उचित जवाब दिया जाएगा। इस घातक गठबंधन को हराकर तृणमूल कांग्रेस पश्चिम बंगाल की सभी 42 सीटों पर चुनाव जीतेगी।” उन्होंने कहा, “भाजपा धर्म के नाम पर लोगों को बांटने की कोशिश कर रही है। वे लोकसभा चुनावों से पहले इसका इस्तेमाल लोगों को बांटने के लिये औजार के रूप में कर रहे हैं। बंगाल की संस्कृति कभी हिंसा का समर्थन नहीं करती।”