लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव का अंतिम चरण संपन्न होने से पहले पूर्वांचल का सियासी पारा तेजी से चढ़ रहा है। एक ओर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने बृहस्पतिवार को ताबड़तोड़ रैलियां कीं तो कांग्रेस की ओर से पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी ने मोर्चा संभाला। सपा—बसपा गठबंधन भी पीछे नहीं रहा। अखिलेश यादव और मायावती ने चुनावी जनसभाओं को संबोधित किया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी चुनावी जनसभाएं कीं।

मोदी ने आज मऊ, चंदौली और मिर्जापुर में चुनावी रैलियां कीं। इन रैलियों में उनके निशाने पर विपक्ष, विशेषकर सपा—बसपा—कांग्रेस रहे। मोदी ने मिर्जापुर की एक चुनावी जनसभा में कहा, ‘जैसे-जैसे विरोधियों द्वारा गालियों की डोज बढ़ रही है, जनता मुझ पर जनता अपने प्यार और विश्वास की डोज भी बढ़ाती चल रही है।’ उन्होंने कहा, ‘बुरी तरह हार तय देखकर सपा—बसपा सहित ये तमाम महामिलावटी आज पूरी तरह से पस्त हैं।’ उन्होंने कहा कि इन दलों ने ‘मोदी हटाओ’ के नाम से अभियान शुरू किया था। बेंगलुरु में एक मंच पर एक दूसरे का हाथ पकड़कर फोटो खिंचवाई थी।

मोदी ने कहा, ‘उसके बाद जैसे ही प्रधानमंत्री पद की बात आई तो सब अपना-अपना दावा लेकर अपनी-अपनी डफली बजाने लगे।’ उन्होंने कहा, ‘आठ सीट वाला, 10 सीट वाला 20-22 सीट वाला, 30-35 सीट वाला भी प्रधानमंत्री बनने के सपने देखने लगा।’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘सपने देखना गलत नहीं है लेकिन देश ने कहा कि – फिर एक बार, मोदी सरकार।’ शाह ने महराजगंज की एक चुनावी जनसभा में कहा, ‘मणिशंकर अय्यर, जो राहुल बाबा के गुरु-घंटाल हैं, उन्होंने मोदी जी के लिए अपशब्द कहे, लेकिन राहुल बाबा चुप रहे, कुछ नहीं बोले।’ उन्होंने उपस्थित जनसमूह से पूछा, ‘देश के प्रधानमंत्री के लिए अपशब्द कोई सहन कर सकता है क्या?’ शाह ने कहा, ‘बालाकोट में आतंकियों पर कार्रवाई के बाद देश में उत्साह का माहौल था, मिठाइयां बंट रही थीं, लेकिन राहुल बाबा और अखिलेश के कार्यालय में मातम था, इनके चहरे का नूर उड़ गया था, जैसा कोई इनका अपना मरा हो।’

योगी ने गाजीपुर की जनसभा में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एक बार फिर से जब सरकार बनेगी तो पूरे देश और प्रदेश में अच्छा माहौल बनेगा। उन्होंने कहा कि हमारा देश सुरक्षित होना चाहिए। देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने की छूट किसी को भी नहीं देनी चाहिए।

राहुल गांधी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री मोदी पर हमला करते हुये तंज किया, ’56 इंच की छाती है, बस सात दिन बाकी है।’ राहुल बोले, ”नरेंद्र मोदी ने आपसे कहा था कि दो करोड़ रोजगार देंगे, मिल गया रोजगार? किसानों को सही दाम मिला ?’ उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान में एक भी गरीब व्यक्ति को 15 लाख रुपया नहीं मिला। अनिल अंबानी को मोदी ने बैंक खाते में सीधा तीस हजार करोड़ रुपये दिया। राफेल घोटाले में 45 हजार करोड़ रुपये उस चोर का चौकीदार ने कर्जा माफ किया। नीरव मोदी, मेहुल चौकसी, विजय माल्या, ललित मोदी, अनिल अंबानी इनका पांच लाख 55 हजार करोड़ रुपये का कर्ज 56 इंच की छाती वाले चौकीदार ने माफ किया।’

प्रियंका ने महराजगंज की एक चुनावी जनसभा में कहा, ‘भाजपा का मकसद सत्ता हासिल करना है, चाहे वह जैसे भी मिले। भाजपा की सरकार मगरूर और कमजोर है।’ उन्होंने कहा कि मोदी ने 2014 के लोकसभा चुनाव के समय किये गये वायदों को पूरा नहीं किया। कांग्रेस झूठे वायदे नहीं करती बल्कि धरातल पर काम करती है। मोदी को ‘किसान विरोधी’ करार देते हुए प्रियंका ने कहा कि पिछले पांच साल में मोदी दुनियाभर में हर जगह यात्रा करते नजर आये लेकिन उन्होंने अपने ही देश के किसानों से मिलने की आवश्यकता नहीं समझी।

उधर मायावती ने सपा—बसपा—रालोद महागठबंधन की संयुक्त रैली में प्रधानमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी में उन पर हमला बोलते हुए कहा, ‘मोदी को आखिरी चरण में महिलाओं का आदर—सम्मान बहुत याद आ रहा है, लेकिन मैं उनसे कहना चाहती हूं कि आप दूसरों के सम्मान की बात छोड़ो, पहले आप अपनी पत्नी का आदर—सम्मान तो कर लो।’ उन्होंने कहा ‘जो व्यक्ति अपनी पत्नी का आदर नहीं कर सकता, आप सोचें कि क्या वह किसी दूसरे की बहन—बेटी का सम्मान कर सकता है? इसका जीता—जागता सुबूत उनकी पत्नी के साथ—साथ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी हैं, जिन्हें उन्होंने काफी परेशान कर रखा है।’

अखिलेश ने कहा कि भाजपा के लोग जानते हैं कि आने वाले समय में महागठबंधन आने वाला है। वे घबराये हुए हैं, उनकी नींद उड़ गयी है। वे केवल उत्तर प्रदेश से ही नहीं घबराये हैं, बल्कि पश्चिम बंगाल से भी घबराये हुए हैं। उन्होंने कहा कि देश को नया प्रधानमंत्री मिलने जा रहा है। आज के बाद केवल सात दिन हैं। सात दिन बाद देश का नया प्रधानमंत्री होगा।