लखनऊ। उत्तर प्रदेश मंत्रिमण्डल ने बेसहारा गोवंशीय पशुओं को उन्हें पालने के इच्छुक किसानों, पशुपालकों तथा अन्य इच्छुक व्यक्तियों को सुपुर्द किये जाने सम्बन्धी योजना को मंगलवार को हरी झंडी दे दी। राज्य सरकार के प्रवक्ता ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने यहां बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमण्डल की बैठक में ‘माननीय मुख्यमंत्री निराश्रित/बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना’ को मंजूरी दे दी गयी।

उन्होंने बताया कि इस योजना के पहले चरण में एक लाख गोवंशीय पशुओं को पालन—पोषण के इच्छुक लोगों को सुपुर्द किया जाएगा। उन्हें रोजाना 30 रुपये प्रति पशु के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। इस पर 109.50 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

शर्मा ने बताया कि यह भुगतान हर तीन माह पर किया जाएगा। भविष्य में इसे प्रतिमाह किया जाएगा। जिलाधिकारी और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी पर यह देखने की जिम्मेदारी होगी कि इस योजना का लाभ उठा रहा व्यक्ति पशुओं का ठीक से ख्याल रख रहा है या नहीं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 की पशु गणना के मुताबिक प्रदेश में 205.66 लाख गोवंशीय पशु हैं। अनुमान के मुताबिक उनमें से 10—12 लाख जानवर बेसहारा हैं। राज्य में 523 पंजीकृत गोशालाएं हैं, जिन्हें सरकार से अनुदान मिलता है।