नई दिल्ली। आजादी का अमृत महोत्सव समारोह के तहत आयुष मंत्रालय 14 जनवरी, 2022 को वैश्विक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम के लिए पूरी तरह से तैयार है और उम्मीद है कि 75 लाख के लक्ष्य के मुकाबले एक करोड़ से अधिक लोगों की भागीदारी देखने को मिलेगी।
वर्चुअल प्लेटफार्म पर इस बावत आयुष मंत्री ने पत्रकारों से बातचीत की। पत्रकारों से बातचीत में आयुष मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि वर्तमान में कोविड 19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए मकर संक्रांति पर सूर्य नमस्कार कार्यक्रम ज्यादा प्रासंगिक है।  उन्होंने कहा कि यह प्रमाणिक तथ्य है कि सूर्य नमस्कार जीवन में उत्साह और प्रतिरक्षा का निर्माण करता है और कोरोना को दूर रखने में सक्षम है। हमने कार्यक्रम में भाग लेने के लिए 75 लाख लोगों का लक्ष्य रखा है, लेकिन पंजीकरण और हमारी तैयारियों को देखकर मुझे उम्मीद है कि यह एक करोड़ की सीमा को पार कर जाएगा।
आयुष मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दिशा और मार्गदर्शन में आयुष मंत्रालय ने इस कार्यक्रम की शुरुआत की है। वर्चुअल बैठक में आयुष राज्य मंत्री डॉ. मुंजपरा महेंद्रभाई ने कहा कि सूर्य नमस्कार मन और शरीर का कायाकल्प करता है। उन्होंने कहा कि “आणविक आनुवंशिकी पर योग प्रभावों का अध्ययन किया जा रहा है।” सूर्य नमस्कार की शुरूआत वैश्विक स्तर पर जापान से होगी, इसके बाद भारत में सुबह सात बजे इसकी औपचारिक शुरूआत की जाएगी, यह कार्यक्रम पूरे दिन चलेगा, क्योंकि सूर्य नमस्कार क्योंकि सभी देशों में एक किया जाएगा और वर्चुअली इससे विश्वभर के सभी लोग जुडेंगे, इसलिए यह पूरा कार्यक्रम 24 घंटे का होगा।
आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा कि यह कार्यक्रम आजादी का अमृत महोत्सव का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि “उत्साह के लिए सूर्य नमस्कार है, जीवन शक्ति के लिये सूर्य नमस्कार है।” इस विश्वव्यापी कार्यक्रम में भारत और विदेश के सभी प्रमुख योग संस्थान, भारतीय योग संघ, राष्ट्रीय योग खेल संघ, योग प्रमाणन बोर्ड, फिट इंडिया और कई सरकारी व गैर सरकारी संगठन भाग ले रहे हैं। ख्याति प्राप्त लोग और खेल हस्तियों से वीडियो संदेशों के माध्यम से सूर्य नमस्कार को बढ़ावा देने की आशा की जाती है। कार्यक्रम में एसएआई (साई) के खिलाड़ी और कर्मचारी भी भाग लेंगे।
क्या होते हैं सूर्य नमस्कार के फायदे
सूर्य नमस्कार योग की सबसे प्रचलित यौगिक प्रक्रिया है, इसमें कुल 12 मुद्राएं होती हैं, जिसको सुबह के समय सूर्यादय के दौरा सूर्य की तरफ मुंह करके की जाती हैं। सूर्य नमस्कार की विभिन्न मुद्राओं से शरीर के न्यूरोमास्कुलर और मेरूदंड या स्पाइन को एक साथ साधा जा सकता है, इससे शरीर में ऑक्सीजन और खून की आपूर्ति बेहतर होती है, इसलिए सूर्य नमस्कार शरीर के पूरे साइकोकॉस्मेटक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए उपयोगी माना गया है।