‘वायु प्रदूषण कई बीमारियों की जड़’


लॉस एंजेल्स । वायु प्रदूषण का चौंकाने वाला दीर्घकालीन दुष्प्रभाव सामने आया है।अमेरिका में एक अध्ययन से पता चला है कि वायु प्रदूषण से आस्टियोपोरेसिस और हड्डियों के टूटने की आशंकाएं कई गुना बढ़ जाती हैं। अध्ययन में वायु प्रदूषण की तुलना धूम्रपान से की गई है। एक प्रतिष्ठित मेडिकल पत्रिका ‘लेंसट’ में शोधकर्ताओं ने दो अलग-अलग अध्ययनों में यह दावा किया है। इसके लिए शोध कर्ताओं ने अमेरिका के दो महानगरों – न्यूयार्क और बोस्टन को चुना, जहां भारत के किसी भी महानगर की तुलना में अपेक्षाकृत कम प्रदूषण है। अमेरिकी महानगरों के इन अस्पतालों में शोधकर्ताओं ने पिछले कुछ वर्षों के क़रीब एक हज़ार मरीज़ों के उपचार और उनके मौजूदा आंकड़ों के अध्ययन के बाद इस आशय का दावा किया है।
अध्ययन में इस तथ्य को रेखांकित किया गया है कि जैसे-जैसे वायु प्रदूषण बढ़ता है, आस्टियोपोरेसिस नामक बीमारी होने और हड्डियों में टूट फूट की आशंका बढ़ जाती है। खासतौर पर 65 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और मामूली चोट लगने पर उनकी हड्डियां टूट जाती हैं। इसके अलावा कम आयु वर्ग के लोगों में वायु प्रदूषण से पाराथायराइड हार्मोन और अस्थि खनिज घनत्व कम होने का खतरा बढ़ जाता है।
इससे पहले लेंसेट ने वायु प्रदूषण से होने वाली दो अन्य बीमारियों की आशंकाओं का ख़ुलासा किया था जिनमें मस्तिष्क आघात और विस्मरण शामिल हैं। इसके अलावा मधुमेह रोगियों के लिए भी यह घातक है। कोलम्बिया यूनिवर्सिटी के प्रो. ए. बकारेली मेलमैन ने इससे पूर्व वायु प्रदूषण से कैंसर, ह्रदय रोग में वृद्धि होने का दावा किया था।

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