परवेज़ मुशर्रफ़ ने की मोदी की तारीफ़, हाफ़िज़ सईद का किया बचाव

 

के पी मलिक

नई दिल्ली :  एक न्यूज़ चैनल को दिये इंटरव्यू में पाकिस्तान के पूर्व तानाशाह जनरल परवेज़ मुशर्रफ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा है कि उनके नेतृत्व में भारत आगे बढ़ रहा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय आतंकी हाफिज़ सईद का भी बचाव किया। उन्होंने कहा, ‘भारत मोदी साहब की लीडरशिप में आगे बढ़ रहा है और वो हिंदुस्तान के लिये अच्छा कर रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान के लिये वो अच्छा नहीं कर रहे हैं। इसका जवाब उन्हें मौका मिलने पर पाकिस्तान देगा।’उन्होंने कारगिल में अपनी भूमिका को सही ठहराते हुए कहा, ‘एक जनरल होने के नाते मैंने ठीक किया… कारगिल पाकिस्तान को दो टुकड़े करने का बदला था।’
उन्होंने कहा कि भारत ने अमेरिका के साथ मिलकर पाकिस्तान के खिलाफ दुनिया में माहौल बना रहा है। पाकिस्तान को बदनाम किया जा रहा है आतंकवाद को लेकर लेकिन आपके लिये जो आतंकी है वो हमारे लिये आतंकी नहीं है।उन्होंने हाफिज़ सईद का बचाव करते हुए कहा, ‘लश्कर-ए-तैयबा को आतंकी संगठन माना जा रहा है… लेकिन जो आपके लिये आतंकी है वो हमारे लिये आतंकी नहीं है।’
भारत पाकिस्तान के बीच शांति के लिये बातचीत शुरू करने का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों देशों में शांति स्थापित होना चाहिये। लेकिन बातचीत बराबरी के आधार पर हो तभी पाकिस्तान बात करने के लिये तैयार हो सकता है। उन्होंने कहा, ‘भारत के साथ पाकिस्तान बातचीत करने के लिये तैयार है लेकिन बातचीत बराबरी और सम्मान को बनाए रखते हुए होना चाहिये।’ उन्होंने कहा, ‘मोदी जी इस समय बात करें तो कुछ हो सकता है, क्योंकि आरएसएस और बीजेपी के लोग उनकी बात मानते हैं।’
मुशर्रफ ने अमेरिका की तरफ से सहायता फंड रोके जाने के सवाल पर कहा कि ट्रंप की नीतियां ठीक नहीं हैं। जो भी राशि पाकिस्तान को दी गई उसमें से आधा हिस्सा पाकिस्तान का अपना था। चीन के साथ संबंधों को लेकर उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का दोस्त है और उसके साथ संबंध वैसे ही हैं जैसा कि भारत का अमेरिका के साथ है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और भारत के बीच लड़ाई होने की स्थिति में दोनों देशों को नुकसान हो सकता है। समस्याओं का समाधान बातचीत के माध्यम से ही सुलझाया जाना चाहिये। कश्मीर के मसले पर उन्होंने भारत पर ही आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर भारत बातचीत करने से भाग रहा है। उन्होंने कहा कि कश्मीर मसले पर बातचीत उनके शासन के दौरान हुई और दोनों देशों के बीच सीज़फायर पर समझौता हुआ। पाकिस्तान में मिलेटरी शासन पर उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में तानाशाही के दौरान स्थिति बेहतर हुई हैं। उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान में तानाशाही शासनों के दौरान ही बेहतर बदलाव आए हैं। लेकिन हमारे देश के लिये लोकतंत्र जरूरी है।’

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